आगरालीक्स…आगरा के एक प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल ने अपनी जगह स्कूल में पढ़ाने के लिए किराये पर एक लड़की को रखा हुआ था. उसे पांच हजार रुपये वेतन दे रही थी. निरीक्षण में ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा…
आगरा के प्राथमिक विद्यालय में फर्जीवाड़ा का ऐसा मामला सामने आया है जो काफी चौंकाने वाला है. बेसिक शिक्षा विभाग ने इसका खुलासा किया है. आगरा के एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका ने अपनी जगह स्कूल में पढ़ाने के लिए एक लड़की को लगा रखा था. यही नहीं लड़की को पांच हजार रुपये वेतन भी दिया जा रहा था. बेसिक शिक्षा विभाग की टीम ने जब इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया तो ग्रामीण भी भौचक्के रह गए. उनका भी कहना था कि हमने तो प्रधानाध्यापिका को कभी देखा ही नहीं.

निरीक्षण में अनुपस्थित मिलीं प्रधानाध्यापिका
मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी) बेसिक ने बताया कि मंडलीय उप निरीक्षक उर्दू राकेश कुमार व मंडलीय समन्वयक मिड—डे मील राकेश कुमार पाराशर ने शुक्रवार को जैतपुर कलां स्थित प्राथमिक विद्यालय नगला सुरई का निरीक्षण किया. यहां उन्हें प्रधानाध्यापिका सुमन अनुपस्थित मिलीं. टीम ने जब उपस्थिति पंजिका को देखा तो पता चला कि प्रिंसिपल 29 अप्रैल से बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित हैं. 28 अप्रैल को आकस्मिक अवकाश अंकित मिला. टीम ने जब मिड डे मील और छात्रों की उपस्थिति पंजिका मांगी तो शिक्षक व शिक्षामित्रों ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापिका के पास हैं.
8 महीने से पढ़ा रही थी लड़की
टीम ने जब प्रधानाध्यापिका के बारे में पूछता की तो सहायक अध्यापक मनीष कुमार, शिक्षामित्र अंजू, ऊषा ने बताया कि प्रधानाध्यापिका की जगह स्कूल में एक लड़की पढ़ा रही है. वह लड़की भी मौके पर मौजूद थी. टीम ने जब उससे जानकारी की तो उसने बताया कि वह अक्टूबर 2021 से स्कूल में पढ़ा रही है और इसके बदले उसे पांच हजार रुपये प्रति माह दिए जाते हैं.
इस मामले का खुलासा होने पर एडी बेसिक ने बताया कि सात माह से विद्यालय में प्रधानाध्यापिका की जगह कोई और लड़की पढ़ रही है और खंड शिक्ष अधिकारी ने इस फर्जीवाड़े को नहीं पकड़ा. उन्होंने कहा कि इसमें बीईओ की भूमिका भी संदिग्ध है, स्प्ष्टीकरण मांगा जाएगा. निदेशक को रिपोर्ट देकर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी.