आगरालीक्स…आगरा में 30 लाख रुपये से भरे एटीएम को उखाड़ कर ले जाने वाले तीन बदमाश पकड़े गए. 38 दिन बाद लगे हाथ. हैरान रह जाएंगे जानकर, किस टैक्निक से दिया था वारदात को अंजाम
थाना कागारौल में स्टेट बैंक आफ इंडिया के एटीएम को उखाड़ कर ले जाने वाले बदमाश आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गए. बदमाश जिस एटीएम को उखाड़कर ले गए थे, उसमें 30 हजार रुपये कैश था. पुलिस ने 38 दिन बाद इन बदमाशों को अरेस्ट किया है. यह गैंग गूगल तकनीक का इस्तेमाल कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया करता था. पुलिस ने गैंग के पास से कैश, मोबाइल और कार भी बरामद की है.
बीती 8 जनवरी को कागारौल स्थित एसबीआई के एटीएम को चोर आधी रात को पूरा उखाड़कर ले गए थे. एटीएम में 30 लाख रुपये कैश था. इस घटना ने पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए थे. पुलिस इसकी जांच में और बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए सुरागों की तलाश कर रही थी कि कुछ दिन बाद ही पुलिस को एटीएम सिकरौदा नहर में पड़ा मिला था जिसमें से पूरा कैश गायब था. पुलिस ने अब 38 दिन बाद इस गैंग के तीन सदस्यों को अरेस्ट किया है.
पुलिस के अनुसार राजस्थान के पेशेवर गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया था. जिन तीन बदमाशों को अरेस्ट किया गया है उनके नाम संतोष सैनी, नरेश उर्फ दिनेश मीणा और विष्णु कुमार सैनी हैं. इस गैंग के चार साथी अभी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है. पुलिस ने बदमाशों के पास से तीन लाख, 67 हजार रुपये कैश, तीन मोबाइल और एक कार बरामद की है. गैंग राजस्थान में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है.
पूछताछ में शातिर चोरों ने बताया कि इस वारदात की प्लानिंग एक महीने पहले बना ली गई थी. गूगल मैप पर टोल रोड अवॉयड फंक्शन का इस्तेमाल कर गांव और देहात के मार्गों पर इस्तेमाल किया जाता था जिससे टोल पर लगे सीसीटीवी में कैद न हो सकें. कागारौल से एटीएम चोरी करेन के बाद गूगल मैप की सहायता से ही सिकरौदा नहर वाले रास्ते से भाग निकले थे. जहां से सभी राजस्थान में प्रवेश कर गए थे.