आगरालीक्स…विवि का यह कर्मचारी फर्जी मार्कशीट बनवा रहा था. गैंग को कोरी मार्कशीट्स उपलब्ध कराता था. जानिए इसके बारे में, कैसे कर रहा था विवि के अंदर से फर्जीबाड़ा…
एसटीएफ ने आगरा में आज फर्जी मार्कशीट्स बनाने वाले गिरोह के चार सदस्यों को अरेस्ट किया है. इनमें आगरा के डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्जुन भी शामिल है. जो कि गिरोह को कोरी मार्कशीट्स उपलब्ध करा रहा था. अर्जुन परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में तैनात था और सीधे मार्कशीट्स के लिए परेशान स्टूडेंट्स के संपर्क में था. आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इसे तत्काल सेवाओं से हटा दिया गया है.
आगरा एसटीएफ को सूचना मिली थी कि फर्जी मार्कशीट्स बनाने वाले गिरोह का एक सदस्य आगरा के डॉ.भीमराव आंबेडकर विवि के एक कर्मचारी से कोरी मार्कशीट्स लेने आ रहा है. इस पर एसटीएफ ने मुखबिर की सूचना पर मौके पर पहुंचकर मार्कशीट लेने वाले गैंग के सदस्य और विवि के इस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अर्जुन निवासी मऊ रोड खंदारी को मौके से अरेस्ट कर लिया. इनकी निशानदेही पर दो और गैंग के सदस्यों को एसटीएफ ने अरेस्ट कर लिया.
बताया जाता है कि अर्जुन दो वर्ष से अधिक समय से विवि में अपनी सेवाएं दे रहा है. वह पहले दैनिक वेतनभोगी था लेकिन बाद में आउटसोर्सिंग पर रख लिया गया. बताया जाता है कि इसके पिता विवि में नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, इस आधार पर इसे रख लिया गया था. इसकी पोस्टिंग परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में थीं जहां आए दिन मार्कशीट के लिए परेशान बच्चे आते रहते हैं. ऐसे में अर्जुन डायरेक्ट इन स्टूडेंट्स के संपर्क में था और इनको झांसे में लेकर काम कराने का आश्वासन देता था. एसटीएफ को गैंग के पास से भारी मात्रा में फर्जी अंकतालिकाएं भी बरामद हुई हैं.
फिलहाल विवि के कुलसचिव डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि अर्जुन को एसटीएफ की ओर से गिरफ्तार किए जाने की सूचना मिलते ही हआ दिया गया है. वह आउटसोर्सिंग पर सेवाएं दे रहा था. अब एसटीएफ मामले की जांच करेगी.