आगरालीक्स…हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा मिले, इसके लिए करना होगा मंथन. आगरा में युवाओं को हिंदी साहित्य के प्रति जागरूक करेगा वंदे गुरु साहित्य समागम. 10 फरवरी को जुटेंगे देश-विदेश के साहित्य प्रेमी
श्री बाँके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा सामुदायिक रेडियो डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय एवं इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति के सहयोग से वंदे गुरु साहित्य समागम 2024 का आयोजन आगामी 10 फरवरी 2024 को दोपहर 02 बजे से होने जा रहा है। गुरुवार को कैलाशपुरी स्थित होटल भावना क्लार्क्स इन में आयोजित कार्यक्रम में वंदे गुरु साहित्य समागम 2024 की आधिकारिक घोषणा मुख्य अतिथि इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति चेयरमैन पूरन डावर ने मंच से हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ की।
इसके बाद आयोजन के आमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया. इसमें न्यूरोफिज़ीशियन डॉ. नरेश शर्मा, अप्सा अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता, श्री बाँके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा एवं नकुल सारस्वत, डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन की निदेशक अर्चना सिंह, पूजा सक्सेना, कवि पवन आगरी शामिल रहे। पूरन डावर ने कहा कि हिंदी न सिर्फ हमारी मातृ भाषा है बल्कि यह अभिव्यक्ति का वह माध्यम है जोकि हमें सहजता से सटीक शब्दों में अपने मन की बात रखने हुए हमें हमारी जड़ों से जोड़ने का काम करता है। डॉ. नरेश शर्मा ने कहा कि हिंदी हमारी मात्र भाषा है हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा मिले इसके लिए हमें मंथन करना होगा।

इस मौके पर डॉ. सुशील गुप्ता ने अधिक से अधिक लोगों को आयोजन में प्रतिभाग करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं के दिमाग पर हावी होते अंग्रेजी के प्रभाव के बीच इस प्रकार के आयोजन समय की मांग हैं। श्री बाँके बिहारी एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन शर्मा ने कहा कि समागम में जहाँ एक ओर हिंदी साहित्य पर चिन्तन होगा वहीं देश के ख्याति प्राप्त कवियों द्वारा राष्ट्रीय कवि सम्मलेन का आयोजन होगा। संस्था के नकुल सारस्वत ने कहा कि अपने आदर्शों से शिक्षा के क्षेत्र में खास मुकाम हासिल करने वाले गुरुजनों को वन्दे गुरु साहित्य समागम में गुरु श्रेष्ठ सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। इस मौके पर होटल भावना क्लार्क्स इन के जीएम गजेंद्र सिंह, इनक्रेडिबल इंडिया फाउंडेशन संस्कृति के अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा, मोहित जैन, डॉ. राम नरेश शर्मा, अविनाश वर्मा, संजय पुंडीर, सुशील सारस्वत, पंकज गुप्ता, विकास कुमार सिंह, सुषुमलता सारस्वत, लंकेश दीपक सारस्वत, गब्बर राजपूत आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।