आगरालीक्स…एक नवंबर से शुरू हो रहे सहालग. दोवोत्थान एकादशी से बजने लगेंगी शहनाइयां. शरद ऋतु में 26 विवाह के मुहूर्त. जानिए किस महीने में किस दिन शादी के मुहूर्त
कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी दिन शनिवार, शतभिषा नक्षत्र, ध्रुव योग, गर करण के शुभ संयोग में 01 नवंबर 2025 को ही देव प्रबोधिनी देवोत्थान एकादशी मनाई जाएगी. देवोत्थान का तात्पर्य देवो को निद्रा से उठाना (जगाना) है. शास्त्रों के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव शयन के लिए जाते हैं और कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देव उठते हैं. इन दिनो जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में सोए हुए होते हैं जिन्हें महिलाएं माताएं बहने पूजा पाठ करके जगाती हैं. चार माह सोने के पश्चात इस दिन ही जगह के पालनहार श्री हरि विष्णु और सभी देवी देवता शयन से उठते हैं. देव उठने से पूर्व किसी भी घर में परिवार में शुभ कार्य विशेष कर शादी विवाह, गृह प्रवेश नया घर निर्माण नये जन्मे बच्चो का मुंडन (जडूला उतारना) आदि शुभ कार्य नहीं समझे जाते हैं. जिन चार देव शयन को होते हैं उन्हें पूजा-पाठ धार्मिक अनुष्ठान भागवत कथा आदि के लिए विशेष तौर पर बनाया गया है. सनातन धर्म के अनुसार सारे हिंदू तीज त्योहारों की श्रंखला इन चारों माहौ मेंही आती है जिससे प्रत्येक व्यक्ति गलत कार्यों से बचकर धार्मिक कार्य पूजा-पाठ में लगा रहे.
पूजन विधि
पूरे घर को साफ धो पौछ कर चूना गेरू खड़िया से देवठान का चित्र बनाते हैं या फिर बाजार से चित्र ला कर लगाती हैं घर में मुख्य द्वार तक फूल पत्तियां बेलों की सुंदर आकर्षक रंगोली देवी देवताओं के पैरों के निशान बनाते हैं चावल, गुड़, मूली, बैंगन, शकरकंदी, सिंघाड़ा, चने की सब्जी, वेर गन्ना पूजा मेरखते हैचित्र और सामान को डलिया या परात (चलनी) से ढक देते हैं चारों ओर घी के दीपक जलाने के बाद घर की सभी महिलाएं एक साथ बैठकर देवों को उठाती हैं और डलिया के ऊपर हाथों की अंगुलियां उलट पलट के मारते हुए कहती हैं कि “उठो देव जागो देव बैठो देव पामरिया चटकाओ देव देवसोय चारों मास” जिसके बाद डलिया सीधा करके रख देती हैं हल्दी चावल घी से पूजा करती हैं गन्ने केरस से देवी-देवताओं पर धार लगाकर उसके रससे चित्र पर भोग लगाते हैं और माताएं बहने प्रभु के जागने की खुशी में नाच गाकर भजन गाकर खुशियां मनाती हैं.
शादी विवाह के शुभ विवाह मुहूर्त-2025में
नवंबर में-18,22,23,24,25,26,27,29,30
दिसंबर में04,10,11
शुभ विवाह मुहूर्त 2026
फरवरी में03,04,05,10,13,15,19,20,21
मार्च-06,09,10,11,12*
शरद ऋतु में विवाह के कुल 26 मुहूर्त उपलब्ध होंगे इनमें से 03 विवाह मुहूर्त अनबूझे कहलाए जाएंगे जिनमें 01 नबम्बर देव उठान एकादशी,23जनवरी बसंत पंचमी और 19फरवरी फुलेरादौज अनबूझे मुहूर्त होंगे.
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परमपूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर-9756402981,7500048250