आगरालीक्स…आगरा के एसएनएमसी में बाल उत्पीड़न व पॉक्सो एक्ट पर हुई वर्कशॉप. डॉक्टरों ने बताया—किस तरह बच्चों के बदलते व्यवहार पर रख सकते हैं ध्यान
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार दिवस के अवसर पर आज एसएन मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग द्वारा बाल उत्पीड़न पॉक्सो एक्ट के संदर्भ में वर्कशॉप का आयोजन किया गया. सीएमई का उद्घाटन प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और बाल कल्याण समिति आगरा की अध्यक्ष मोनिका सिंह ने किया. कार्यशाला में बाल उत्पीड़न के बढ़ते केसों को देखते हुए डॉ. रीता निगम, डॉ. मधु नायक, डॉ. विशाल सिन्हा और डॉ. रिचा गुप्ता ने बाल उत्पीड़न से उत्पीड़ित बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं मेडिकोलीगल जांच पर अपने अपने विचार रखे. कार्यक्रम में बताया गया कि बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव पर माता पिता, शिक्षक एवं विश्वसनीय परिजन को विशेष ध्यान रखते हुए इस संबंध में बच्चों को जानकारी देते रहना चाहिए, जिससे बच्चे अपनी बात खुलकर सामने रख सकें. वकील प्रमिला शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए.

फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋचा गुप्ता ने बताया कि बाल उत्पीड़न करने पर पास्को एक्ट लागू होता है जिसके अंतर्गत तीन साल से लेकर आजीवन कारावस तक की सजा का प्रावधान है. इस अवसर पर डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. गरिमा सिंह, डॉ. प्रीति भारद्वाज, डॉ. रिचा, डॉ. दिव्या आदि उपस्थित रहे.
