आगरालीक्स…’ग्रह बनाम प्लास्टिक’, पृथ्वी दिवस पर डीईआई में विचारोत्तेजक कार्यशाला हुई, वायु गुणवत्ता और पर्यावरणीय प्रभाव पर दिखी जिज्ञासा
आगरा में दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) में एएनआरएफएच, डीएसटी—एसईआरबी की त्वरित विज्ञान योजना के तहत चल रहे उन्नत विश्लेषणात्मक—लक्षणीकरण उपकरण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण से परिचित होना कार्यशाला का चौथा दिन खास था। पृथ्वी दिवस होने की वजह से रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. रंजीत कुमार ने इसकी थीम ग्रह बनाम प्लास्टिक पर एक विचारोत्तेजक चर्चा के साथ सत्र की शुरुआत की। उन्होंने हमारे पर्यावरण पर प्लास्टिक प्रदूषण के हानिकारक प्रभावों की गहराई से चर्चा की और स्थायी समाधानों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।
एक आकर्षक ऑनलाइन सत्र में सनसेट लेबोरेटरीज यूएसए के उपाध्यक्ष जोशुआ डिक्सन ने फिल्टर आधारित कार्बोनेसियस एरोसोल मापन के क्षेत्र में ज्ञान साझा किया। खास बात यह थी कि श्रोता वायु गुणवत्ता मूल्यांकन और पर्यावरणीय प्रभाव की बारीकियों को समझने के लिए उत्सुक थे। यह बड़े परिवर्तन की ओर इशारा करता है। रसायन विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ रोहित श्रीवास्तव ने उर्जा स्थिरता के लिए उभरते रास्ते विषयक संबोधन दिया। आईआईटी बीएचयू के सहायक प्रोफेसर वी रामनाथन ने आईआर और रमन स्पेक्ट्रोस्कोपिक तकनीक पर एक व्यावहारिक व्याख्यान दिया। एन्क्रोम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड के एप्लिकेशन केमिस्ट गौरव थोम्बरे द्वारा एक ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गई। एनवायरोटेक इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड दिल्ली से डॉ बलबीर सिंह ने प्रदूषकों के आंकलन में सटीक उपकरण के महत्व पर जोर देते हुए वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए वाद्य तकनीकों पर चर्चा की। डॉ राहुल स्वरूप शर्मा प्रोफेसर और प्रमुख मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग डीईआई ने कई अनुप्रयोगों में 3.डी प्रिंटिंग की बहुमुखी प्रतिभा पर प्रकाश डाला।
प्रो. अनीता लखानी, प्रो. राधिका सिंह, डॉ पुष्पा साहनी, डॉ सुधीर कुमार वर्मा, डॉ. मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नाजिया सिद्धीकी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कीर्ति सिंह, वर्षा, शुभी शर्मा, नीलम बघेल, सूरत दीवान, भानु प्रिया, वैष्णव बरतारिया, मो. इकबाल, शरद ने सहयोग किया।