आगरालीक्स…आगरा में रोड एक्सीडेंट से हो रही मौतों को रोकने के लिए ZFD सिस्टम हुआ लागू. हर एरिया में हॉट स्पॉट का चयन…जानिए किस तरह से ZFD सिस्टम करेगा काम
आगरा में सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु दर को न्यूनतम स्तर पर लाने हेतु " Zero Fatality District ( ZFD)” अभियान को लागू किया गया है इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्युदर की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाना है। सोमवार को पुलिस कमिश्नर एवं जिला अधिकारी के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यातायात सोनम कुमार द्वारा पुलिस उपायुक्त पूर्वी जोन एवं सभी सहायक पुलिस आयुक्तों के साथ यातायात पुलिस लाइन में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु को पूरी तरह से रोकने के लिए संचालित Zero Fatality District ( ZFD) अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने, ब्लैक स्पॉट्स चिन्हीकरण एवं यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने आदि पर विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।हर थाना क्षेत्र में हॉट स्पॉट का चयन
बैठक में बताया गया कि दुर्घटनाओं के दौरान आमजन की सहायता के साथ-साथ सरकारी / निजी संपत्ति की सुरक्षा एवं त्वरित राहत कार्य पुलिस की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक थाना क्षेत्र में हॉट स्पॉट (AOR 20 किमी) चिन्हित किए गए हैं और वहाँ तैनाती के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी दुर्घटना की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुँचेगी और बचाव / राहत कार्य को प्राथमिकता से संपादित करेगी। साथ ही दुर्घटना- प्रवण क्षेत्रों में गश्त को बढ़ाने, रात के समय निगरानी मज़बूत करने, सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर देने तथा जनता को जागरूक करने के निर्देश दिए गए ।
गोष्ठी में यह भी चर्चा हुई कि — दुर्घटनाओं के कारणों में तेज़ गति, गलत ओवरटेकिंग, भारी वाहनों की मनमानी पार्किंग, और अनियमित यातायात मुख्य रूप से शामिल हैं। इन मुद्दों के समाधान हेतु ट्रैफिक पुलिस एवं स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, CCTV निगरानी को बढ़ाने और दुर्घटना- बिंदुओं पर रिफ़्लेक्टिव साइनेज लगाने की प्रक्रिया को भी तेज़ करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने, दुर्घटना- प्रभावित ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हीकरण एवं उनके शीघ्र सुधार, यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा सड़क सुरक्षा मानकों को उन्नत करने के लिए सभी संबंधित विभागों— नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, एवं अन्य सहयोगी संस्थाओं के साथ समन्वय किया जाएगा।
इस बैठक में ट्रैफिक सिग्नलिंग, बैरिकेडिंग, स्ट्रीट लाइटिंग, डिवाइडरों एवं रंबल स्ट्रिप्स की स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जन-जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित करने, यातायात अनुशासन को मजबूत करने तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक तीव्र व प्रभावी बनाने हेतु समन्वित रणनीति तैयार कर सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
कार्यशाला के अंत में, पुलिस उपायुक्त यातायात सोनम कुमार द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में सुधार लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मिलकर इस दिशा में लगातार सुधार और प्रयास करने हेतु प्रेरित किया ।