आगरालीक्स …आगरा में भाजपा से मेयर की टिकट के लिए एक जनप्रतिनिधि ने अपनी पत्नी तो दूसरे ने अपनी बेटी के लिए दावेदारी कर खलबली मचा दी है। कई वार्ड में पार्षद लगभग तय, सपा और बसपा में भी चिंतन।

आगरा में 1889 में पहले मेयर भाजपा से चुने गए थे, इसके बाद से लगातार भाजपा मेयर पद पर जीत दर्ज कर रही है। इस लिहाज से मेयर पद के लिए भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए सबसे ज्यादा दावेदारी पेश की जा रही हैं। इसमें ऐसे भी हैं जो संगठन में काम कर रहे हैं, मेयर की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित है। इसलिए मेयर की सीट पर दावेदारी उनके पति, पिता और रिश्तेदार कर रहे हैं। मेयर पद पर एक जनप्रतिनिधि ने अपनी पत्नी और दूसरे ने बेटी के लिए दावेदारी कर दी है। आगरा के प्रभारी मंत्री एके शर्मा ने मेयर पद से लेकर पार्षद पद के दावेदारों पर चर्चा की। इसमें भी आम राय नहीं बन सकी।
कई वार्डों में नाम माने जा रहे तय, घोषित नहीं
पार्षद के लिए भूड़ का बाग, कर्मयोगी कमला नगर से पार्षद रवि शर्मा की पत्नी, कमला नगर से पंकज अग्रवाल, बेलनगंज से रज्जू जैन के बेटे धीरेंद्र के नाम तय माने जा रहे हैं। इसी तरह से अन्य वार्डो में टिकट के लिए मंथन चल रहा है।
बसपा और सपा में भी तैयार हो रही सूची
मेयर पद से लेकर 100 वार्ड के पार्षदों के लिए बसपा और सपा में भी सूची तैयार की जा रही है। बसपा में मेयर पद पर तीन दावेदार हैं, इसी तरह से सपा में दो दावेदारों के बीच मेयर पद के लिए टक्कर है।