आगरालीक्स… आगरा सड़क हादसों के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर। हर साल होती हैं पांच सौ से ज्यादा मौतें। शाम छह से रात नौ बजे के बीच ज्यादा हादसे।
रात तीन बजे से सुबह छह बजे तक कम हादसे
आगरा सहित प्रदेश के अन्य जिलों में होने वाले सड़क हादसों में सर्वाधिक शाम छह से रात नौ बजे के बीच हुए हैं। हादसों व उनमें मरने वालों की संख्या क्रमशः 6936 व 3897 है। रात तीन बजे से सुबह छह बजे तक सबसे कम सड़क दुर्घटनाएं होती हैं।
18 से 35 आयु वर्ग के मरने वालों की संख्या ज्यादा
सड़क हादसों में 51 प्रतिशत मौतें 18 से 35 साल के लोगों की हुई है। सड़क सुरक्षा प्रवर्तन अपर परिवहन आयुक्त पुष्पसेन सत्यार्थी ने यह जानकारी गत दिवस लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सड़क सुरक्षा पर आयोजित कार्यक्रम में दी।
सड़क सुरक्षा प्रर्वतन अपर परिवहन आयुक्त ने दिए 2022 के आंकड़े
उन्होंने वर्ष 2022 के आंकड़े जारी किए। यूपी देश में दुर्घटनाओं के मामले में चौथे नंबर पर है। लेकिन इन हादसों में’ मौतों के मामले में टॉप पर है। पिछले तीन साल के आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल औसतन 484 मौतें सड़क हादसों में होती हैं।
कानपुर पहले और अलीगढ़ पांचवें स्थान पर
प्रदेश में पहले स्थान पर कानपुर नगर है, जहां औसतन 600 मौतें, दूसरे स्थान पर प्रयागराज में 552 मौतें, तीसरे पर आगरा में 537 मौतें, चौथे पर बुलंदशहर में 511 मौतें, पांचवें पर अलीगढ़ में 502 मौतें होती हैं।