आगरालीक्स…आगरा में वीकेंड लॉकडाउन से पहले ही तेल—रिफाइंड सहित सभी जरूरी खाद्य सामान अचानक हुए महंगे. महंगाई या कालाबाजारी…खरीदना आदमी की लाचारी
दो दिन में 40 रुपये महंगा हुआ तेल—रिफाइंड
आगरा में वीकेंड लॉकडाउन अभी दो दिन बाद से शुरू होगा लेकिन उससे पहले ही अचानक तेल—रिफाइंड जैसे सामानों के दाम बाजारों में उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं. तेल जो कि अभी तक 135 से 140 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था वह अचानक 180 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यही हाल रिफाइंड को लेकर है. रिफाइंड के दामों में भी दो दिन के अंदर 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है. इसके अलावा सब्जियों के दाम अचानक डबल हो गए हैं. लोगों की समझ में ही नहीं आ रहा है कि आखिर दाम इतने अचानक महंगे कैसे हो गए.
पान मसाला—गुटखा के दाम भी बढ़े
इधर पान—मसाला व गुटखा भी लोगों को महंगा मिल रहा है. 5 रुपये वाला पैकेट जहां 6 से 7 रुपये का बेचा जा रहा है तो वहीं 10 रुपये वाला पैकेट भी 12 से 14 रुपये तक बिक रहा है. दुकानदारों का कहना है कि थोक विक्रेताओं द्वारा पान मासाला का स्टॉक खत्म होने की बात कही जा रही है. इसके अलावा चोरी छुपे देने पर इसे महंगा दिया जा रहा है. मजबूरन हम लोग भी एक से दो रुपये महंगा बेच रहे हैं. हालांकि पाउचों पर एमआरपी अभी भी पुरानी वाली है.
जमाखोरी और कालाबाजारी बढ़ी
आगरा में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही जरूरी सामानों के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. लोगों को आशंका है कि लॉकडाउन लग सकता है ऐसे में वह अपने पास इकट्ठा सामान रखना चाह रहे हैं. जिसका सीधा फायदा बड़े दुकानदारों द्वारा उठाया जा रहा है. थोक विक्रेताओं द्वारा अब माल की उपलब्धता नहीं बताई जा रही है वहीं चोरी छुपे इसे महंगा दिया जा रहा है जिसके कारण फुटकर विक्रेता भी महंगा सामान बेच रहे हैं. लोगों का कहना है कि पिछले साल जब लॉकडाउन लगा था तब भी इस तरह की कालाबाजारी सामने आई थी लेकिन महंगाई जिस हिसाब से इस बार बढ़ रही है वह तो पिछले साल भी नहीं बढ़ी. हां तम्बाकू जरूर पिछले साल 8 गुना तक महंगा बिका था.
एक साल में डबल हुए तेल और रिफाइंड के दाम
बात अगर खाद्य तेल और रिफाइंड की हो तो पिछले साल लॉकडाउन से पहले तेज 100 रुपये प्रति लीटर तक ही बिक रहा था वहीं इससे 5 रुपये कम रिफाइंड बिक रहा था. लेकिन पिछले साल लॉकडाउन लगने के बाद इनमे दामों में बढ़ोतरी देखी गई लेकिन फिर भी 120 रुपये लीटर से ज्यादा दोनों चीजें नहीं बिकीं. लेकिन इस साल तो वीकेंड लॉकडाउन से पहले ही दामों में 50 से 60 रुपये तक की बढ़ोतरी अचानक कर दी गई है. दुकानदारों का कहना है कि हमें तेज और रिफाइंड खुद महंगे मिल रहे हैं ऐसे में हम फुटकर विक्रेताओं को भी उसी दामों के अनुरूप बेच रहे हैं.
इधर डीएम पीएन सिंह का कहना है कि किसी भी सूरत में कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी. कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ जरूरी एक्शन लिया जाएगा. जो भी जमाखोरी या कालाबाजारी करता पाया गया उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
क्या कहते हैं लोग
दयालबाग के रहने वाले जितेंद्र कुमार का कहना है कि शहर में खुलकर कालाबाजारी हो रही है. इसे रोकने के लिए प्रशासन को जरूरी कदम उठाने चाहिए. आम आदमी महंगाई के कारण परेशान है.
सदर के रहने वाले गगन सिंह का कहना है कि हद हो गई है महंगाई की. लोग आपदा का फायदा उठाकर जमाखोरी और कालाबाजारी कर चीजें महंगी कर रहे हैं और सरकार इस पर कोई लगाम नहीं लगा पा रही है.
खंदारी की मंजू सिंह का कहना है कि गरीब आदमी के पास इस समय न तो ठीक से रोजगार है और न ही कोई काम. ऐसे में कालाबाजारी उसे पूरी तरह से मारने का काम कर रही है. इस पर एक्शन होना चाहिए.