आगरालीक्स…. आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि कीब बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी लेने वाले 60 शिक्षक चिन्हित हो गए हैं, 10 नवंबर 4570 डिग्री धारकों को चिन्हित कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विवि के अंबेडकर विवि की सत्र 2004 -05 की 4570 बीएड की फर्जी डिग्री तैयार हुई थी, एसआईटी द्वारा बीएड की फर्जी डिग्री धारकों के नाम, पिता का नाम और रोल नंबर सहित अन्य ब्योरा प्रदेश के सभी बीएसए को भेजा है, इनसे कहा गया है कि 10 नवंबर तक बीएड की फर्जी डिग्री से बने शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए, इस दौरान ली गई तनख्वाह की वसूली की जाए और बर्खास्त किया जाए। इसके बाद से सभी जिलों के बीएसए सीडी के आधार पर शिक्षकों को चिन्हित कर रहे हैं।
आगरा में 60 शिक्षक चिन्हित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 60 शिक्षक चिन्हित हो चुके हैं, इन्हें अंबेडकर विवि की बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी मिली थी, अभी बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी लेने वाले शिक्षकों की संख्या अधिक है, इन सभी को चिन्हित किया जा रहा है।
विवि के चार कर्मचारी सस्पेंड, भेजे जा चुके हैं जेल
आगरा के डॉ भीमराव अंबेडकर विवि के बीएड फर्जी मार्कशीट प्रकरण में पूर्व परीक्षा अधीक्षक सहित चार कर्मचारियों को को सस्पेंड कर दिया है। इन चारों कर्मचारियों को एसआईटी ने 24 अक्टूबर को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था।
अंबेडकर विवि की फर्जी मार्कशीट और मार्कशीट में नंबर बढाकर बडे स्तर पर सरकारी नौकरी लगी हैं, इस मामले की जांच कर रही एसआईटी द्वारा कर्मचारियों को आरोपी बनाया जा रहा है। विवि के दो दर्जन कर्मचारी चिन्हित किए गए हैं, इन्हें अरेस्ट किया जाना है। ऐसे में मंगलवार को पूर्व प्रो वीसी सुगम आनंद, पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना, डिग्री विभाग के प्रभारी स्वामी शरण, चार्ट रूम के सतेंद्र पाल सिंह, बीए प्रथम वर्ष के लक्ष्मण सिंह यादव, डिस्पैचर साकेत कुमार सहित 15 कर्मचारियों को एसआईटी ने लखनऊ में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इनसे शाम तक पूछताछ की गई। पूर्व प्रो वीसी सुगम आनंद, पूर्व कर्मचारी संघ अध्यक्ष हरीश कसाना सहित 10 कर्मचारी लखनऊ नहीं गए।
चार को किया अरेस्ट
एसआईटी ने पूछताछ के बाद डिग्री विभाग के प्रभारी स्वामी शरण, चार्ट रूम के सतेंद्र पाल सिंह, बीए प्रथम वर्ष के लक्ष्मण सिंह यादव, डिस्पैचर साकेत कुमार को अरेस्ट कर लिया, इन चारों पर फर्जी मार्कशीट के सत्यापन के आरोप लगे हैं। इन चारों आरोपियों की राइटिंग का भी मिलान कराया गया था, एसआईटी ने चारों आरोपियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है।
विवि के कर्मचारियों में हडंकप
एसआईटी द्वारा चार कर्मचारियों को अरेस्ट करने से कर्मचारियों में हडकंप मचा हुआ है। इससे पहले भी एसआईटी द्वारा कर्मचारियों को अरेस्ट किया जा चुका है, आंध्र प्रदेश की बीएससी क्रषि की मार्कशीट के मामले में भी जांच चल रही है। विवि से अभी और कर्मचारियों और अधिकारियों को अरेस्ट किया जा सकता है। एसआईटी द्वारा कर्मचारियों की सूची तैयार की गई है।