आगरालीक्स …आगरा के बड़े जूता निर्यातक नजीर अहमद पर एनओसी के लिए सर्वे करने गई टीम ने लगाए अभद्रता, नक्शे फाड़ने के आरोप, कारोबारी ने दो लाख रिश्वत मांगने के लगाए आरोप।
आगरा में मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय रोड पर मौजा सुरजेपुर में जूता निर्यातक नजीर अहमद का 6000 वर्ग गज का प्लाट है। वे अपने प्लाट पर निर्माण करना चाहते हैं, यह प्लाट पुरातत्व विभाग की संरक्षित स्मारक के पास में है। उन्होंने प्लाट पर निर्माण कराने के लिए एडीए से नक्शा स्वीक्रत कराने के लिए आवेदन किया था, उनसे पुरातत्व विभाग यानी एएसआई की एनओसी मांगी गई।
सर्वे करने के लिए पहुंची थी संयुक्त टीम
मंगलवार दोपहर में पुरातत्व विभाग के सर्वेक्षक राघवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल राजेश कुमार सिंह, एडीए के अवर अभियंता राजीव गोविल सर्वे करने के लिए जूता निर्यातक नजीर अहमद के प्लाट पर पहुंचे। जहां निर्माण होना था वह संरक्षित स्मारक से टीम ने 250 मीटर बताया जबकि जूता निर्यातक का कहना था कि निर्माण 300 मीटर की दूरी पर होना है। इसे लेकर विवाद बढ़ गया।
नक्शा फाड़ने और बंधक बनाने का आरोप, मुकदमे के आदेश
सर्वे टीम का आरोप है कि जूता निर्यातक नजीर अहमद और उनके साथ मौजूद लोगों ने प्लाट का गेट बंद कर दिया, उन्हें बंधक बनाने की कोशिश की। गाली गलौज करने के साथ ही अभद्रता की, राजस्व विभाग का नक्शा और पुरातत्व विभाग की फाइल फाड़ दी। सर्वे टीम ने इस पूरे मामले की जानकाीर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एसडीएम सदर परीक्षित खटाना को दी, उन्होंने थाना हरीपर्वत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
लेखपाल पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
इस मामले में जूता निर्यातक नजीर अहमद का मीडिया से कहना है कि बिना रश्वित लिए कोई काम नहीं करता है। लेखपाल ने दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, सभी विभागों से एनओसी भी मिल चुकी है एएसआई की एनओसी रह गई है। उनका कहना है कि वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध हैं।