आगरालीक्स ..(Breaking)..आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे ओएसडी राकेश बंसल को हटाया, आगरा आए सीएम योगी ने इशारों में दी थी हिदायत। पूरा मामला।

आगरा की मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने 19 जुलाई को नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी थी कि उन्होंने मेयर कार्यालय का ओएसडी राकेश बंसल को बनाया है। इसमें राकेश बंसल के नगर निगम में 15 साल के अनुभव का भी हवाला दिया गया था। अगले दिन पत्र के सार्वजनिक होने के बाद जमकर हंगामा हुआ, 21 जुलाई को हुए नगर निगम के सदन में बसपा और सपा ने राकेश बंसल को भ्रष्टाचारी बताने के साथ ही नगर निगम से 238 करोड़ रूपये की संपत्ति जब्त करने के आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और सदन छोड़कर चले गए। मगर, मेयर ने राकेश बंसल को हटाने से साफ इन्कार कर दिया।
सीएम योगी ने इशारों में दी हिदायत, हटा दिया ओएसडी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को आगरा आए योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में बैठक कर इशारों ही इशारों में सख्त हिदायत दी थी, उन्होंने साफ कहा था कि किसी संविदा कर्मी के भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की होती है। ऐसे किसी बाहरी कर्मचारी को न रखें, जिस पर भ्रष्टाचार के आरोप हों। इसके बाद मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने राकेश बंसल की नियुक्ति रद कर दी है, राकेश बंसल को हटाने के संबंध में नगर आयुक्त को भी पत्र भेजेंगी।

राकेश बंसल पर करोड़ों की संपित्त अर्जित करने के आरोप
2008 में राकेश बंसल को नगर निगम में कंप्यूटर आपरेटर के पद पर रखा गया था, कुछ ही दिन बाद वह नगर आयुक्त का पीए बनकर काम करने लगा। आरोप है कि राकेश बंसल ठेके दिलवाने में करोड़ों की कमाई करता था, अधिकारियों और कर्मचारियों को ब्लैक मेल करने के आरोप भी लगे। 2020 में तत्कालीन नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने राकेश बंसल को हटा दिया था। भाजपा के छावनी से विधायक डॉ. जीएस धर्मेश ने 2021 में विजिलेंस में राकेश बंसल द्वारा 238 करोड़ की संपत्ति अर्जित करने के आरोप की शिकायत की थी।