आगरालीक्स…(14 November 2021 Agra News) आगरा में भगवान श्रीनाथ जी को लगा अन्नकूट का प्रसाद. कैलाशपुरी स्थित श्रीनाथजी मंदिर में बही भक्ति की बयार
भक्ति के अतिरिक्त भक्त को और किसी बात की आकांक्षा नहीं होती। फिर भी, भक्ति सिद्ध हो जाने पर भक्त को अनायास और अकस्मात अलौकिक सामथ्र्य प्राप्त हो जाता है। स्वयं भगवान भक्त को अपना स्वामी मानने लगते हैं। भगवान के साथ एकीकरण तथा सेवा-उपयोगी देह-पुष्टिभक्ति के ये ही फल कहे जा सकते हैं। वस्तुतः सच्ची सेवा तो भक्ति ही है। ये प्रेरक प्रवचन काशी से पधारे पुष्टिमार्ग के षष्ठ पीठाधीश्वर आचार्य गोस्वामी श्याम मनोहर महाराज ने रविवार को कैलाशपुरी स्थित श्रीनाथ जी मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि पुष्टिमार्ग में भगवान के परमानंदरूप को उपास्य माना गया है। वे सौंदर्य, आनंद और रस के आगार हैं। उन्होंने गोवर्धन पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भक्तों पर आए संकट को दूर करने के लिए भगवान ने गोवर्धन पर्वत को धारण किया। श्री श्यामनोहर जी ने कहा कि बल्लभाचार्य जी ने शुद्धाद्वैत दर्शन का प्रतिपादन करते हुए सभी पदार्थो के अधिभौतिक, आध्यात्मिक और अधिदैविक स्वरूपों को स्वीकारा है। उन्होंने बच्चों को बचपन से धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षा देने की सलाह दी।

इस अवसर पर मंदिर में प्रभू श्रीनाथ जी को अन्नकूट के भोग लगाए गए। ब्रज के प्राचीन पकवान मोहनथार, 15 तरह के लडडू, 12 तहर की गुजिया, घेवर, 15 तहर की सब्जियां, दूध के पकवान, कलाकंद, 20 तहर की मठरियां आदि का भोग लगाया। गोकुल से आए अशोक कुमार ने अष्टछाप के पदों का गायन किया। पखावज संगत गिराधारी लाल ने की। महोत्सव की अध्यक्षता व पूजन कार्यक्रम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व समाजसेवी शांति स्वरूप गोयल ने सम्पन्न करायी। आरती मंदिर के मुकेश मुखिया व राकेश मुखिया ने सम्पन्न करायी। इस दौरान ट्रस्ट के महामंत्री अशोक कुमार गुप्ता, रमेश भाटिया, संगीता शर्मा, रामगोपाल शुक्ला, हरिओम शुक्ला, कमल खंडेलवाल, गुडिया शर्मा, श्रीकृष्ण मेहरा, कुनाल गुप्ता, बीना गुप्ता, रमन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, रामनरेश शर्मा, प्रशांत शर्मा आदि उपस्थित रहे।