जयपुरलीक्स… राजस्थान हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक केस में जोधपुर की जेल में कैद आसाराम को जमानत। हालांकि जेल से रिहाई नहीं होगी। जानिए क्या है पूरा मामला

दुष्कर्म मामले में झूठे दस्तावेज पेश किए थे
कथावाचक रहे आसाराम और एक अन्य पर आरोप थे कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में झूठे दस्तावेज पेश किए। इस मामले में आसाराम सह अभियुक्त था। मुख्य अभियुक्त रवि को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने मंजूर की जमानत
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस कुलदीप माथुर की पीठ ने आसाराम को जमानत दी। इस सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से नीलकमल बोहरा व गोकुलेश बोहरा ने पक्ष रखा। अन्य मामलों सजा के चलते आसाराम अभी बाहर नहीं आ पाएगा।
शिष्या से दुष्कर्म में आजीवन कारावास है
आसाराम बापू का असली नाम असुमल सिरुमलानी हरपलानी है, उसे अपनी शिष्या के साथ बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया है। आसाराम के खिलाफ यह पहली सजा नहीं है। वह पहले से ही 2013 में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में जोधपुर की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
अन्य मामलों में दर्ज है मुकदमा
गांधीनगर की सत्र अदालत ने 81 वर्षीय आसाराम को बलात्कार, आपराधिक धमकी और गलत तरीके से बंदी बनाने के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।