आगरालीक्स.. आगरा में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससीएसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक के विरोध में दो अप्रैल को भारत बंद में उत्पाद किया गया, कलक्ट्रेट पर कब्जा कर लिया, इस मामले में पुलिस ने 30 के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है।
पुलिस ने सदर थाने में दर्ज छह मुकदमों और रकाबगंज के एक मुकदमे में नामजद 29 आरोपित के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। इनमें से अधिकतर मुकदमों में लोक व्यवस्था भंग करने, जानलेवा हमले जैसी धाराएं हैं। केवल एक मुकदमा ऐसा है, जिसमें से जानलेवा हमले की धारा हटाई गई है। बिना गिरफ्तारी के जिन लोगों के खिलाफ चार्जशीट लगाई गई है, उन्हें अदालत ने हाजिर होने के आदेश दिए है।
इनके खिलाफ चार्जशीट
गौरव निवासी सेवला सराय, सुनील, विजय कुमार निवासी नैनाना जाट, नरेंद्र निवासी नौलक्खा, जीतू, योगेश, साहिल, राकेश, रनवीर, ब्रजकिशोर, पप्पू निवासी नगला पदमा, रोहित, सुनील, सूरज, दीपक, निवासी नगला लटूरी, छीतरिया निवासी नगला जस्सा, वंशी, आकाश निवासी सिंधी का नगला, अमन निवासी गोपाल पुरा, श्याम मोहन निवासी बसई लालू धौलपुर।
आगरा में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में दो अप्रैल को भारत बंद के लिए सडकों पर नीला और पंचशील का झंडे के साथ डंडा लेकर उतरे युवाओं ने जमकर उत्पाद मचाया। होटल और गाडियों में तोडफोड के साथ मारपीट और लूटपाट की गई। इसके बाद सोमवार रात से इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई थी। 12 वीं तक के स्कूलों के साथ शराब के ठेके और होटल की बार बंद कर दी थी। पुलिस ने रात तक 100 उपद्रवियों को अरेस्ट कर लिया। इसके साथ ही तीन थानों में 14 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। चौराहों और घर व दुकानों पर लगे सीसीटीवी से उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है।
16 घंटे बाद शुरू हुई इंटरनेट सर्विस
आगरा में 16 घंटे बाद दोपहर 2 बजे के बाद इंटरनेट सर्विस शुरू होने लगी, कुछ नेटवर्क में साढे तीन बजे इंटरनेट सर्विस शुरू हुई।
आरएएफ और पुलिस फोर्स तैनात, बाजार खुले
शहर के दलित बाहुल्य क्षेत्रों और मार्केट में आरएएफ और स्थानीय पुलिस को लगाया गया है, सुबह से ही अधिकांश क्षेत्रों में बाजार खुल गए। मगर बाजार में भीड दिखाई नहीं दी, बहुत कम लोग ही घरों से बाहर निकले।
ऐसे बिगडते गए हालात

सोमवार सुबह से आगरा में सुप्रीम कोर्ट के एससी एसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी की जगह जांच के आदेश के विरोध में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। दोपहर तक हालात अराजक हो गए और हिंसक झडपे होने लगीं। दोपहर दो बजे कलक्र्टेट के पास प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस में आग लगा दी, पुलिस और दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया।
एसपी सिटी ने फायरिंग का भीड को खदेडा
शहर के अलग अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन के बाद युवक कलक्र्टेट पर एकत्रित होने के लिए एमजी रोड पर नारे लगाते हुए आगे बढे। एमजी रोड पर जाम लगाने के साथ ही उत्पातियों ने दुकानें बंद कराने के लिए गुंडई शुरू कर दी। दुकानदारों के साथ मारपीट की, एक महिला का सिर फोड दिया। ढाकरान चौराहे पर भाजपा के महानगर अध्यक्ष विजय शिवहरे के होटल मोती महल पर पथराव कर दिया, इसके आस पास के होटलों पर भी पथराव किया। प्रदर्शन कारियों का उत्पात बढने के बाद एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह ने पफायरिंग कर खदेडा, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव भी कर दिया।
गतिमान सहित कई ट्रेनों रोकी, रेलवे ट्रैक पर बैठे, रोडवेज बसों में तोडफोड
प्रदर्शनकारियों ने आगरा दिल्ली, आगरा टूंडला रेल रूट ठप करा दिया, बिल्लोचपुरा, कुबेरपुर सहित जगह जगह रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इससे गतिमान सहित एक दर्जन ट्रेन रोकनी पडी। कई जगह पर मालगाडियों को भी रोक दिया।
कलक्र्टेट पर कब्जा, मीडियाकर्मियों के छीने कैमरे
शहर के अलग अलग हिस्सों से पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कलक्र्टेट पर कब्जा कर लिया, झंडे लगा दिया और लोगों के साथ मारपीट की। मीडिया कर्मियों के कैमरे तोड दिए।
इसलिए किया था भारत बंद
सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच की बात कही है. इस आदेश में जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा था कि सात दिनों के भीतर शुरुआती जांच जरूर पूरी हो जानी चाहिए. इसके विरोध में सोमवार को भारत बंद का आहवान किया गया है।