आगरालीक्स.. आगरा में एसएन इमरजेंसी के पास रोड पर बंदरों का झुंड आने से बाइक स्लिप हो गई, राहगीर वीडियो बनाते रहे, घायल को इमरजेंसी लेकर पहुंचे तब तक मौत हो चुकी थी।
आगरा में एक इंश्योरेंस कंपनी में एग्जीक्यूटिव कालिंदी पुरम निवासी शैलेंद्र प्रताप सिंह सिसौदिया पुत्र राम प्रताप सिसौदिया सोमवार दोपहर ढाई बजे नालबंद से राजामंडी की ओर बाइक से आ रहे थे। आगरा कॉलेज के सामने क्षेत्र बजाज कमेटी का ऑफिस है। यहां से तीन बंदरों ने सड़क पर छलांग लगा दी। उन्होंने बाइक का ब्रेक लगाया, इससे बाइक स्लिप हो गई, अनियंत्रित होकर वह सडक पर गिए गए, सिर फुटपाथ के पास की दीवार से टकरा गया। उनके चोट लगी। यह देखकर लोग जुट गए।
काश, बच जाती जान
दो राहगीर उन्हें ऑटो से एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी लेकर आए, जहां उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर मृतक की पत्नी आ गईं। बाद में वो शव को घर लेकर चली गईं। इंस्पेक्टर थाना लोहामंडी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
मोबाइल से बनाते रहे वीडियो
काफी भीड़ जुट गई थी। मगर कोई व्यक्ति चंद कदमों की दूरी पर स्थित एसएन इमरजेंसी लेकर नहीं गया। कुछ लोग मोबाइल से वीडियो और फोटो भी बनाने लगे।
दो युवक लेकर पहुंचे इमरजेंसी
बाइक से जा रहे लायर्स कालोनी निवासी संदीप चौधरी और विनायक नगर निवासी मुकेश सक्सेना आगे आए। उन्होंने शैलेंद्र के सिर पर रुमाल बांधा। इसके बाद एक ऑटो रोककर उसमें बैठा दिया। अस्पताल लेकर आए, लेकिन शैलेंद्र की मौत हो गई। उन्हें अफसोस था कि शैलेंद्र को नहीं बचा सके। उनका कहना था कि तुरंत इलाज मिलने पर जान बच सकती थीॅ
पति के कहने पर निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे
उनकी पत्नी इमरजेंसी पहुंच गई, पुलिस से कहा कि अभी जान है, उन्हें लेकर निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन तब तक मौत हो चुकी थीै। लोहामंडी पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवार ने सिर पर हेलमेट नहीं लगाया था। उनके चोट भी सिर में लगी थी। हेलमेट पहने होते तो जान बच सकती थी।