आगरालीक्स.. आगरा में कवियों ने कहा मैं उनका जिक्र नहीं करता, जिनको सारा जग पूजे। मैं याद दिलाता हूं उनकी जो हैं गुमनाम मगर जूझे…। है पंक्तियां उन वीर जवानों की गाथा और देश वासियों के हृदय में बसे उनके प्रति सम्मान को व्यक्त करती हैं जो देश की खातिर अपनी जान गंवाते हैं। वीर शहीदों को समर्पित यह तराने भारत विकास परिषद द्वारा होटल रॉयल रिजेन्ट में आयोजित कवि सम्मेलन में गूंजे। इस अवसर पर बृज प्रदेश के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान बी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। सर्वप्रथम दो मिनट का मौन रखकर पुलवामा के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम संयोजक अमी आधार निडर ने मैं उनका जिक्र नहीं करता… कविता पाठ के बाद इंतजार की हद होती है, तुम कब हद को पार करोगे… कविता से खूब तालिया बटोरी। रमा वर्मा ने लोक गीत पिया जान गए नैनों से नैनों की बात… व डॉ. सुषमा सिंह ने सप्तपढ़ी के बाद देखा है तुम्हारी ओर… कविता का पाठ किया। डॉ. अंगद धारिया व कार्यक्रम प्रभारी अजय रंगीला ने भी कविता पाठ किया। अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष राजेश वर्मा व धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष अभिनव भटनागर ने दिया। संचालन सचिव अम्बा प्रसाद गर्ग ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विकास जैन, प्रवीन जैन, महेश शर्मा, डॉ. मनोज रावत, मनोज बंसल, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. संध्या अग्रवाल, विनय अपूर्व मित्तल, विजेन्द्र सिंह, वि,णु अग्रवाल, वीरेन्द्र सिंघल, मंजू सिंघल, कनक आदि उपस्थित थे।