आगरालीक्स… आम बजट से युवा वर्ग को खासी उम्मीदें हैं। वह रोजगार के साथ सरकार के बजट पर निगाह लगाए हुए हैं।
केंद्र की मोदी सरकार कोरोना महामारी के बाद मंगलवार को अपना आम बजट 2021-22 संसद में पेश करेगी। वित्तमंत्री सीतारमण द्वारा अपना बहीखाता पेश किए जाने को लेकर युवा वर्ग में खासी उत्सुकता है। आगरालीक्स से बातचीत में युवाओं ने वित्तमंत्री से उम्मीद जताई है कि बजट रोजगारपरक होगा, युवाओँ के हित करने वाला होगा। सरकार ने लचीला रुख अपनाया तो आम बजट मंदी और बेरोजगारी की समस्या से निपटने में सहायक होगा।
रोजगार के अवसर खोले जाएः नवीन अग्रवाल
रामविहार कालोनी दयालबाग निवासी नवीन अग्रवाल का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद आने वाला मोदी सरकार का यह बजट काफी उम्मीदों वाला है। यदि सरकार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खोलेगी तो युवा अपना एक अच्छा मुकाम बना सकते हैं। आयकर में भी ज्यादा छूट की जरूरत है। फाइनेंस सेक्टर में भी वित्तमंत्री को उदारीकरण का रवैया अपनाना चाहिए। बैंकिंग सेक्टर घाटे में जा रहे हैं, इसे उबारने के ठोस प्रबंध किए जाने चाहिए।
उदारीकरण का रवैया अपनाएः अनमोल
राजामंडी निवासी अनमोल वर्मा का कहना है कि युवाओं की पहली प्राथमिकता रोजगार की होती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में कितना युवाओं के लिए अवसर खोलेंगी, यह उनके बजट के बाद ही मालूम पड़ सकेगा। साथ ही सरकार को उदारीकरण का रवैया अपनाते हुए छोटे रोजगार करने वाले लोगों को और अधिक मदद की आवश्यकता है। बैंक भी छोटा रोजगार शुरू करने पर उतनी मदद नहीं करती हैं।
विशेष पैकेज जारी करने की जरूरतः हर्ष यादव
गोकुलपुरा निवासी हर्ष यादव का भी कहना है कि आम बजट रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला होना चाहिए। कोरोना महामारी के कारण बहुत से युवाओँ की नौकरी गई है और यह संकट अभी तक बरकरार है। छोटी-छोटी नौकरियां कर रहे युवाओँ को भी मंदा होने का बहना होकर कंपनियों से छंटनी की जा रही है। ऐसी स्थिति को देखते हुए लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा देने के और ज्यादा प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए सरकार को विशेष पैकेज जारी करने की जरूरत है।
छोटे उद्योगों को मिले राहत
पायचौकी निवासी रोहिनउद्दीन उर्फ शहनाज का कहना है कि छोटे उद्योग धंधों को भी मदद मिलनी चाहिए, जिससे युवा अपना अलग रोजगार खोल सकें, अभी जो योजनाएं हैं, उनका पूरा लाभ भी युवाओं को नहीं मिल पाता है।