आगरालीक्स… आगरा में भी बैंकों में कैश का संकट मंडराने लगा है, बाजार से कैश वापस नहीं आ रहा है। एटीएम खाली पडे हैं, एटीएम कार्ड जेब में रखकर लोग पैसे निकालने के लिए भटक रहे हैं।
नोटबंदी के बाद से बाजार में दो हजार, 500 रुपये के नोट आने के बाद कुछ दिन के लिए स्थित सामान्य रहीं। इसके बाद हालात बिगडते गए, धीरे धीरे बैंकों में कैश आना कम हो गया, दो हजार के नोट बैंक में कम लौट रहे हैं। इसके बाद से एटीएम से भी कैश गायब होने लगा है, शहर के अधिकांश क्षेत्र में एटीएम में कैश नहीं है या खराब है। कई बैंक की ब्रांच में दो एटीएम लगे हैं तो उसमें से एक में ही कैश है।
पैरालिल इकॉनोमी हुई शुरू
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में दो हजार और 500 के नोट आने के बाद पैरालिल इकॉनोमी शुरू हो गई, कर चोरी और दो नंबर के रुपये को बचाने के लिए पैसे बैंक में जमा नहीं किए जा रहे हैं। ये बाजार में घूम रहे हैं, इससे बैंक के पास पैसे पहुंचना कम हो गया है।
आरबीआई के सर्वे में जनवरी 2018 में 118 एटीएम बंद मिले
आगरा में एटीम बंद और खराब मिलते हैं, नोटबंदी के बाद से एटीएम से कैश निकालने के लिए लोग भटक रहे हैं। आरबीआई द्वारा कराए गए सर्वे में आगरा के 118 एटीएम बंद मिले, ये एक साल से नहीं खुले हैं। इन एटीएम का रखरखाव करने वाली निजी कंपनियों के भुगतान में कटौती कर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद एटीएम बंद हो गए थे, नए नोट को एटीएम में डालने के लिए एटीएम को कैलिब्रेट किया गया, नोट रखने की ट्रे बदली गईं। जिले में 639 एटीएम हैं, कई महीने तक कुछ ही एटीएम से कैश निकला, अभी भी तमाम एटीएम बंद हैं या उनमें कैश नहीं है।
118 एटीएम मिले बंद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई ने जिले के एटीएम की जांच कराई, 639 एटीएम में से 118 एटीम बंद मिले, ये नोटबंदी के बाद से बंद हैं, कुछ एटीएम के शटर तक नहीं खुले हैं। इससे लोगों को कैश निकालने के लिए भटकना पड रहा है।
एक एटीएम में 65 हजार रुपये तक का खर्चा
एटीएम में नकदी डालने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग कंपनियों की है। निजी कंपनियों को बैंक एटीएम का रखरखाव और कैश के लिए प्रति एटीएम 35 हजार से 65 हजार रुपए का भुगतान करती है। जिले में पांच कंपनियां एटीएम के लिए आउटसोर्सिंग कर रही हैं, जिन्हें पूरे साल के लिए भुगतान किया गया है, जबकि एटीएम एक भी दिन चालू नहीं रहा।
जुर्माना लगाने के निर्देश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लीड बैंक के मैनेजर पंकज सक्सेना का कहना है कि एटीएम के लंबे समय तक खराब रहने पर सभी बैंकों को कहा गया है कि वह इनका रखरखाव करने वाली कंपनियों के भुगतान में कटौती करें और जुर्माना भी लगाएं।