आगरालीक्स…घरों में इलेक्ट्रिक उपकरणों की तेज आवाज भी सुनने की क्षमता कर रही कम. आगरा में सीजीकॉन 2026 में कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी की आधुनिक तकनीकी और नवीनतम पद्धति पर हुआ मंथन
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में राज्य सरकारों और विशेषज्ञों के आपसी सामंजस और सार्थक प्रयासों से कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी में आधुनिक तकनीकी और नवीनतम पद्धति से उपचार का लाभ लेकर मरीजों को बोलने और सुनने में सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री केयर फंड और प्रदेश सरकारों के द्वारा नि:शुल्क सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है। यह बात रविवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉक्टर मोहनीश ग्रोवर ने फतेहाबाद रोड स्थित होटल जेपी पैलेस एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सीजीकॉन 2026 राष्ट्रीय कांफ्रेंस के चौथे दिन कार्यशाला में कही। डॉक्टर ग्रोवर के अनुसार इस प्रकार की कांफ्रेंस के माध्यम से ही जूनियर चिकित्सकों को नवीन पद्धति और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि अगली सीजीकॉन-2027, 24 वीं राष्ट्रीय कांफ्रेंस जयपुर में आयोजित की जाएगी। आयोजन अध्यक्ष डॉ. राजीव पचौरी, सचिव मीनाक्षी वढेरा और कोषाध्यक्ष डॉक्टर गौरव खंडेलवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि चार दिवसीय कांफ्रेंस में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने नाक, कान और गला संबंधित विभिन्न रोगों पर चर्चा की गई। बोलने और सुनने की क्षमता में वृद्धि करने वाले आधुनिक उपचार पर मंथन हुआ। कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कॉन्फ्रेंस में 160 से अधिक विशेषज्ञों के लेक्चर और डिस्कशन हुए। कार्यशाला में आए 20 छात्रों ने सर्जिकल डेमोंसट्रेशन सीखा। आधुनिक तकनीकी और रिसर्च से जुड़े 100 से अधिक शोध पत्र पढ़े गए। समापन समारोह में सहयोगी संस्था और शोध पत्र पढ़ने वाले छात्रों को अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया।
आगरा में 250 से अधिक इंप्लांट हुए: डॉ राजीव पचौरी
आयोजन अध्यक्ष और वरिष्ठ ईएनटी सर्जन डॉक्टर राजीव पचौरी के अनुसार आगरा में कॉक्लियर इंप्लांट का विकास पिछले 15 वर्षों में में इतना अधिक हुआ है कि 250 बच्चों के इंप्लांट हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि यह विकास आसपास के जिलों में भी होना चाहिए और गरीब बच्चों के लिए यह आवश्यक है। इसीलिए कॉन्फ्रेंस का आगरा में आयोजन किया गया था जिससे लोगों में जागरूकता आए और इसके माध्यम से और चिकित्सक समुदाय में भी इसके संदेश पहुंचे कि आगरा में गरीब बच्चों की सर्जरी कर उनके बोलने और सुनने की क्षमता में वृद्धि की जा रही है जिससे वह सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें। उनका कहना था कि इस कॉन्फ्रेंस से बहुत फायदा हुआ है। जिस तरह से देश विदेश से आए डेलीगेट ने आगरा, यहां के विकास और यहां के चिकित्सा के डेवलपमेंट को देखा साथ ही इंप्लांट बच्चों से भी मिले। उनको यह एहसास हुआ कि आगरा में भी यह सर्जरी बहुत अच्छे से की जा रही है, आगे भी चलती रहेगी।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम आवाज में करें उपयोग
कॉन्फ्रेंस में आयोजित एक सत्र में सेफई आयुर्विज्ञान संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजीव यादव ने बताया कि घरों में इलेक्ट्रिक उपकरणों की आवाज को धीमा करके ही उनका उपयोग करना चाहिए इससे भी कम सुनने की समस्याएं निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी के महत्व पर भी प्रकाश डाला।