आगरालीक्स… आगरा के आंबेडकर विवि में मेडिकल छात्रों को पास कराने के लिए कॉपी बदलने के मामले में सीएम योगी ने दिए एसटीएफ से जांच कराने के निर्देश। एक डॉक्टर सहित दो जेल, छात्र नेता सरगना।
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि से संबदृध आयुर्वेदिक कॉलेजों के बीएएमएस के छात्रों की परीक्षा नोडल केंद्र सेंट जोंस कॉलेज और आगरा कॉलेज पर चल रहीं थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद नोडल केंद्रों से ऑटो से कॉपियों को कलेक्ट कर विवि के छलेसर परिसर भेजा जाता था। 27 अगस्त को नोडल केंद्र सेंट जोंस से कॉपी लेकर निकला ऑटो आगरा कॉलेज से कॉपी कलेक्ट करने की जगह मोती कटरा की तरफ चला गया, विवि के अधिकारियों को शक हुआ। पुलिस की मदद से ऑटो चालक देवेंद्र को अरेस्ट कर लिया। इसके बाद मामला खुलता गया।
ऑटो चालक के मोबाइल में चौट मिलने पर डॉक्टर अरेस्ट
इस मामले में पुलिस ने जेल भेजे गए ऑटो चालक का मोबाइल जब्त कर लिया, ऑटो चालक के मोबाइल में दिल्ली में रहकर पीजी की तैयारी कर रहे मूल रूप से शिकोहाबाद निवासी एफएच मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर चुके डॉ. अतुल की चौट मिली, वह छात्रों को कॉपी बदलवाने के लिए तैयार करता था, गिरोह के साथ मिलकर सौदेबादी कराता था।
सरगना छात्र नेता, एक विषय के 50 हजार रुपये
डॉ. अतुल और देवेंद्र से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि गैंग का सरगना सिकंदरा क्षेत्र में रहने वाला एक छात्र नेता है। वह पहले भी सुर्खियों में रहा था।50 हजार रुपये प्रति विषय के हिसाब से कापी बदलने का ठेका लेता था। बीएएमएस में छह विषय के तीन लाख रुपये तक में ठेका लिया जाता था।गैंग में छात्र नेता के चार अन्य साथियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी मिली है। इनकी तलाश की जा रही है।
इस तरह गिरोह करता था काम
गिरोह केंद्रों से खाली कापी प्राप्त कर लेता था। सेंटर से एजेंसी तक कापी पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय ने टेंपो चालक को लगा रखा था। इससे गैंग की सेटिंग थी। टेंपो चालक सेंटर से कापियां ले जाकर गैंग के सदस्यों को रास्ते में ही दे देता था। इसके बाद छलेसर कैंपस में कुछ बंडल कम जमा करके लिखापढ़ी में पूरे दिखा देता था। बाद में गैंग कापियां लिखने के बाद टेंपो चालक को सौंप देता था। इसके बाद टेंपो चालक अगले दिन या उसी दिन उन्हें छलेसर कैंपस में पहुंचा देता था। इसीलिए कापियों के सीरयल नंबर अलग मिले हैं।