आगरालीक्स ..आगरा के डीएम ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को कोरोना पॉजिटिव की मौत पर नोटिस भेजा, प्रियंका गांधी का जवाबी टवीट, आगरा की मौत पर सवाल
कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को एक न्यूजपेपर की खबर के साथ ट्वीट किया था कि आगरा में 48 घंटे में भर्ती हुए 28 काेरोना मरीजों की मृत्यु हो गई। उप्र सरकार के लिए कितनी शर्म की बात है कि इसी मॉडल का झूठा प्रचार करके सच दबाने की कोशिश की गई। सरकार की नो टेस्ट-नो कोरोना पॉलिसी पर सवाल उठे थे, लेकिन सरकार ने उसका कोई जवाब नहीं दिया। अगर उप्र सरकार सच दबाकर कोरोना मामले में इसी तरह लगातार लापरवाही करती रही तो बहुत घातक होने वाला है।
डीएम आगरा में टवीट का जवाब दिया
डीएम आगरा पीएन सिंह पिछले 109 दिनों में 1136 केस और 79 मृत्यु हुई हैं। पिछले 48 घंटों में भर्ती हुए 28 कोरोना मरीजों की मृत्यु की खबर असत्य है।
डीएम पीएन सिंह ने भेजा नोटिस
नोटिस में लिखा है कि पोस्ट से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे जनमानस में यह संदेश जाता है कि 48 घंटे में 28 कोरोना पॉजीटिव मरीजों की मृत्यु हुई है। इस समय संपूर्ण भारतवासी कोविड-19 के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लड़ रहे हैं, जो काेरोना वारियर्स/कोरोना फाइटर्स एवं जनसामान्य पर प्रतिकूल प्रभाव एवं भ्रम का वातावरण उत्पनन करता है। जबकि सच्चाई यह है कि पिछले 109 दिनों में आगरा में कोविड-19 के अब तक कुल 1139 केस अाए हैं एवं 79 कोविड-19 पॉजीटिव मरीजों की मृत्यु हुई है। पिछले 48 घंटे में 28 लोगों की मृत्यु की सूचना असत्य एवं निराधार है। डीएम ने उन्हें 24 घंटे के अंदर भ्रामक/असत्य खबर का खंडन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि इस कोविड-19 के संक्रमण के समय में समस्त नागरिकों एवं किसी भी पद पर कार्यरत कर्मी को सही स्थिति की जानकारी मिल सके। एवं इस महामारी में लगे हुए कार्मिकों के मनोबल को ठेस न पहुंचे।
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने किया टवीट
आगरा में कोरोना से मृत्युदर दिल्ली व मुंबई से भी अधिक है। यहाँ कोरोना से मरीजों की मृत्यदर 6.8% है। यहाँ कोरोना से जान गंवाने वाले 79 मरीजों में से कुल 35% यानि 28 लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती होने के 48 घण्टे के अंदर हुई है।
‘आगरा मॉडल’ का झूठ फैलाकर इन विषम परिस्थितियों..में धकेलने के जिम्मेदार कौन हैं? मुख्यमंत्रीजी 48 घंटे के भीतर जनता को इसका स्पष्टीकरण दें और कोविड मरीजों की स्थिति और संख्या में की जा रही हेराफेरी पर जवाबदेही बनाएँ।