आगरालीक्स.. आगरा को सलाम, गोद में बच्चा, सिर पर गठरी, डबडबाती आंख, उम्मीद की बस देखते ही दौड, सूखे होठ, इन्हें देख आंखे नम हो जाएं। आगरावाले मदद को सडक पर आ गए। किसी ने खाना खिलाया, किसी ने पानी दिया तो कोई नंगे पैर बंदन पर कपडे न होने पर शर्ट, पेंट और चप्पल लेकर पहुंच गए।
आगरा में तीन दिन में सडकों पर दिल्ली हरियाणा से आने वाले लोगों का हुजूम उमडा, सडकों पर भीड, भूख और प्यास से ज्यादा चिंता घर पहुंचने की लेकिन कोई साधन नहीं। ऐसे में शहर के तमाम लोग सडक पर आए, संस्थाओं ने बढ चढकर हिस्सा लिया। अपने स्तर से मदद की, किसी ने खाना खिलाया तो किसी ने पीने के लिए पानी दिया। दिन रात लोगों की देखरेख की अब राहत है, भीड कम हो चुकी है। राहगीर खाने के पैकेट लेने से मना करने लग गए हैं कह रहे हैं कि मिल चुका है, इन लोगों की मदद को आगे आए लोगों को सलाम।