आगरालीक्स.. कोरोना संक्रमण अब आम बीमारी। आगरासहित पूरे पद्रेश में जुलाई माह से कोविड की सैंपलिंग बंद कर दी जाएगी।
आउट सोर्स पर तैनात कर्मी हटाने के निर्देश

मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश ने सैंपलिंग कर आउट सोर्स पर तैनात कर्मियों को 30 जून के बाद हटाने के निर्देश दिए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के कोविड को आपदा की श्रेणी से हटाने के बाद फैसला
अब अगर किसी को कोरोना संक्रमण की जांच करानी होगी तो उसे सीएचसी या जिला स्तरीय अस्पताल पर अपना सैंपल देना होगा। यानि अब आम बीमारियों में कोरोना संक्रमण की गिनती होगी। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना संक्रमण को आपदा की श्रेणी से हटाने के बाद अब यूपी इसकी सैंपलिंग बंद करने का निर्णय लिया गया है।
जुलाई से फील्ड सैंपलिंग पूरी तरह बंद
रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और बाजारों में कोविड सैंपलिंग कर रहे कर्मियों की सेवा जून के बाद समाप्त हो जाएगी। जुलाई माह से फील्ड सैंपलिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी।
अस्थाई कर्मियों का भुगतान विभाग करेंगे
मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है कि कोविड 19 के अंतर्गत तैनात अस्थाई कर्मियों को अंतिम बार एक माह के लिए सेवा विस्तार किया जा रहा है। कर्मियों के उनकी उपस्थिति के अनुसार वेतन भुगतान करने की जिम्मेदारी विभाग की होगी।
अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के नमूने अन्य बीमारियों की तरह लिए जाएंगे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अब कोरोना संक्रमण की जांच अस्पतालों तक ही अन्य बीमारियों तरह सैंपल लिए जाएंगे।