आगरालीक्स.. आगरा में कोरोना संदिग्ध पत्नी की गलत जानकारी देने पर पिता रेलवे अधिकारी परमुकदमा, कोरोना के मामले में देश का पहला मुकदमा।छह महीने से दो साल तक जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

आगरा के रेलवे कॉलोनी में रहने वाले रेलवे अधिकारी ने एक महीने पहले अपनी बेटी की शादी बेंगलुरू निवासी से की थी, शादी के बाद वे सिंगापुर हनीमून मनाने के लिए कहा, वहां से मार्च के प्रथम सप्ताह में वापस आ गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि होने पर उनकी पत्नी चुपचाप आगरा रेलवे कॉलोनी में अपने मायके में आ गई, इससे खलबली मच गई। बेंगलुरू से सूचना मिलने के बाद आगरा के स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे कॉलोनी में युवती के परिजनों से संपर्क किया, 12 मार्च को युवती के सैंपल लेकर एएमयू अलीगढ भेजे गए। वहां जांच में हैवी वायरल लोड आने पर 13 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना संदिग्ध युवती को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए रेलवे अधिकारी के घर पहुंची। रेलवे अधिकारी ने कह दिया कि बेटी मंगला एक्सप्रेस से दिल्ली चली गई है वहां से बेंगलुरू के लिए कनेटिंग फ्लाइट है। डीएम प्रभु एन सिंह ने भी पफोन पर बात की, उनसे भी यही कहा गया, ऐसे में ट्रेन में चेकिंग सहित फ्लाइट को रोकने के लिए शासन स्तर पर वार्ता की गई, करीब तीन घंटे तक यह मामला चलता रहा, रेलवे अधिकारी ने बाद में बताया कि उनकी बेटी घर पर ही है, कोरोना संदिग्ध रेलवे अधिकारी की बेटी को एसएन के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
दो साल तक सजा का प्रावधान, पहला मुकदमा
बताया जा रहा है कि महामारी अधिनियम में यह देश का पहला मुकदमा है, डीएम प्रभु एन सिंह के आदेश पर सीएमओ के माध्यम से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय कुमार ने थाना सदर में रेलवे अधिकारी के खिलाफ धारा 269 और 270 में मुकदमा दर्ज कराया है। जानकारों के अनुसार इन दोनों धाराओं में ऐसा क्रत करने जिससे संक्रामक रोग पफैल सकते हैं, मुकदमा दर्ज किया जाता है, छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
आगरा के रेलवे कॉलोनी में रहने वाले रेलवे अधिकारी ने एक महीने पहले अपनी बेटी की शादी बेंगलुरू निवासी से की थी, शादी के बाद वे सिंगापुर हनीमून मनाने के लिए कहा, वहां से मार्च के प्रथम सप्ताह में वापस आ गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच में कोरोना वायरस की पुष्टि होने पर उनकी पत्नी चुपचाप आगरा रेलवे कॉलोनी में अपने मायके में आ गई, इससे खलबली मच गई। बेंगलुरू से सूचना मिलने के बाद आगरा के स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे कॉलोनी में युवती के परिजनों से संपर्क किया, 12 मार्च को युवती के सैंपल लेकर एएमयू अलीगढ भेजे गए। वहां जांच में हैवी वायरल लोड आने पर 13 मार्च को स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना संदिग्ध युवती को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए रेलवे अधिकारी के घर पहुंची। रेलवे अधिकारी ने कह दिया कि बेटी मंगला एक्सप्रेस से दिल्ली चली गई है वहां से बेंगलुरू के लिए कनेटिंग फ्लाइट है। डीएम प्रभु एन सिंह ने भी पफोन पर बात की, उनसे भी यही कहा गया, ऐसे में ट्रेन में चेकिंग सहित फ्लाइट को रोकने के लिए शासन स्तर पर वार्ता की गई, करीब तीन घंटे तक यह मामला चलता रहा, रेलवे अधिकारी ने बाद में बताया कि उनकी बेटी घर पर ही है, कोरोना संदिग्ध रेलवे अधिकारी की बेटी को एसएन के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
दो साल तक सजा का प्रावधान, पहला मुकदमा
बताया जा रहा है कि महामारी अधिनियम में यह देश का पहला मुकदमा है, डीएम प्रभु एन सिंह के आदेश पर सीएमओ के माध्यम से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय कुमार ने थाना सदर में रेलवे अधिकारी के खिलाफ धारा 269 और 270 में मुकदमा दर्ज कराया है। जानकारों के अनुसार इन दोनों धाराओं में ऐसा क्रत करने जिससे संक्रामक रोग पफैल सकते हैं, मुकदमा दर्ज किया जाता है, छह महीने से दो साल तक की सजा का प्रावधान है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
कुछ दवा दी गई, हो गए पूरी तरह से ठीक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल से जूता कारोबारी और उनके चार परिजनों को शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में सभी को अलग अलग आइसोलेशन वार्ड में रखा गया, कुछ दवा दी गई, खांसी और बुखार भी नहीं आया, लेकिन अकेले ही रूम में रहना पडा, टीवी नहीं थी पर मोबाइल का इस्तेमाल कर सकते थे। इसलिए कोई परेशानी नहीं हुई, डॉक्टर जांच करने के लिए आते थे, दो बार जांच कराई गई, दोनों वार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।
आगरा में सात केस, एक संदिग्ध
आगरा में इटली से 25 फरवरी को लौट कर आए जूता कारोबारी सगे भाई, एक महिला और दो बच्चों में तीन मार्च को कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद दिल्ली में इलाज चल रहा है। जिला अस्पताल मे जूता कारोबारी के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जूता कारोबारी की फैक्ट्री में अधिकारी में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई थी।अभी तक आगरा के 7 लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि हो चुकी है और बेंगलुरु से रेलवे कॉलोनी में अपने पिता के घर आई युवती को कोरोना संदिग्ध मानते हुए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, उसके सैंपल की जांच चल रही है।
यहां करें संपर्क
सीएमओ 9582222392
जिला अस्पताल एसआईसी 9837091177
एसएन प्राचार्य 9412202998
लाइसेंस निरस्त कर मुकदमा होगा दर्ज
डीएम प्रभु एन सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जो भी मास्क को ब्लैक करे और अधिक रेट में बेचे उसका लाइसेंस निरस्त कर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
इस नंबर पर दे सकते हैं सूचना
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा 9412733083