आगरालीक्स..आगरा के डीईआई की रिसर्च स्कॉलर नेहा शर्मा हत्याकांड में अभियोजन में पूर्व में तय आरोप में संशोधन के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है, इसमें आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। अपर जिला जज नवम मोहम्मद असलम सिद्दकी ने सुनवाई के लिए 21 जून नियत की है। हालांकि अभी गवाही की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
बुधवार से नेहा शर्मा हत्याकांड में गवाही शुरू होनी थी, इससे पहले अभियोजन पक्ष ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है, इसमें आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। अपर जिला जज नवम मोहम्मद असलम सिद्दकी ने सुनवाई के लिए 21 जून नियत की है।
कोर्ट से नहीं मिल सकी जमानत
19 मई 2018 को अपर जिला जज नवम मोहम्मद असलम सिददकी के कोर्ट में आरोपी उदयस्वरूप द्वारा तीन जून से होने जा रही सिविल सर्विसेज की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति मांगी थी, इसे निरस्त कर दिया गया। इस मामले में स्वतंत्र लोक अभियोजक अशोक गुप्ता और वादी के वकील एसएस चौहान ने उदय स्वरूप को सिविल परीक्षा में बैठने के प्रार्थना पत्र का विरोध किया, अदालत ने लिखा कि मुकदमे में आरोप विचरित किया जा चुका है। इसके बाद उदयस्वरूप की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई, उदय स्वरूप दो साल से जेल में है।
लैब में की थी हत्या
दयालबाग शिक्षण संस्थान की लैब में 13 मार्च 2013 को नेहा शर्मा की बेरहमी से हत्या हुई थी। लैब में शव मिला था, इस मामले में आरोपी डीईआई का बीएससी का छात्र उदय स्वरूप पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद है। सीबीआई ने डीएनए टेस्ट में रेप की पुष्टि के बाद उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। कोर्ट ने लैब असिस्टेंड यशवीर संधू के खिलाफ भी आरोप तय किए थे।