आगरालीक्स ….आगरा के राधा स्वामी सत्संग सभा व दयालबाग शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष प्रो प्रेम कुमार का निधन हो गया, उनका एम्स में इलाज चल रहा था। सत्संग सभा के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ। वरीयता के आधार पर नए अध्यक्ष चुने जाएंगे।
पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन के सचिव रहे प्रो. प्रेम कुमार सेवानिवृत होने के बाद ही दयालबाग आ गये थे। पहले उन्हे सत्संग सभा का जूनियर वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया। इसक बाद वे डीईआई के अध्यक्ष बन गए, 95 साल के डीईआई के अध्यक्ष प्रेम कुमार की 19 जून को तबीयत बिगडने के बाद एम्स में भर्ती किया गया।
सुबह निधन, शाम को अंतिम संस्कार
26 जून को एम्स में इलाज के दौरान डीईआई के अध्यक्ष प्रेम कुमार का निधन हो गया, दोपहर में उनका शव राधास्वामी नगर स्थित आवास पर पहुंचा। उनके तिलक की रस्म अदा की गयी। लाल बग्धी से शवयात्रा निकली, गुरु महाराज प्रो. पीएस सत्संगी ने उनको अंतिम विदाई दी। सत्संग सभा के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ।
वरीयता से नए अध्यक्ष
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 95 साल के प्रेम कुमार मूल रूप से दयालबाग के रहने वाले थे, पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन के सचिव पद से 1992 में रिटायर होने के बाद दयालबाग आ गए थे। उनकी परिवार में बेटी मानिका और दामाद राजेंद्र हैं। उनके निधन के बाद नए अध्यक्ष चुने जाएंगे, यह वरीयता के आधार पर होता है। दयालबाग सत्संग सभा और दयालबाग शिक्षण संस्थान के नये अध्यक्ष वरीयता के आधार पर प्रेम प्रकाश हो सकते हैं।
राज्यपाल नहीं बनना, दयालबाग जाना है
किस्सा है कि 1992 में रिटयार होने से पहले पूर्व राष्ट्रपति आर वेंकटरमन ने प्रो प्रेम कुमार से पूछा था कि अब आगे क्या सोचा है, इस पर प्रो प्रेम कुमार ने कहा कि दयालाब जाकर सेवा करना चाहता हूं, पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि मैं तो तुम्हें किसी राज्य का राज्यपाल बनाने की सोच रहा था। लेकिन प्रो प्रेम कुमार दयालाब सत्संग सभा से जुडकर सेवा करना चाहते थे, इसलिए रिटायर होने के बाद यहां चले आए। डीईआई के विभिन्न कोर्स को देश दुनिया तक पहुंचाने के साथ संस्थान को तरक्की की राह पर भी ले गए। वे सुबह सुबह खेत में सेवा करने के लिए भी जाते थे।
इंटरनेट फाइल फोटो