
मंगलवार को नेशनल चैंबर सभागार , जीवनी मंडी में नेशनल चैम्बर एवं फर्टिलाईर्स डीलर्स एसोसियेशन द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला कृषि अधिकारी श्री गौरव यादव के सामने पूर्व अध्यक्ष मीडिया एवं ट्रेड डेवलपमेंट प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष
अग्रवाल ने खाद, बीज विक्रेताओं ने अपनी समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में निम्नस्तर के बीज एवं खाद को नहीं बेचने दिया जायेगा। क्योंकि खराब बीज फसल अच्छी नहीं होगी कम, पैदाबार होगी जिससे किसान की आर्थिक स्थिति
और बिगडेगी। क्योंकि किसान अर्थव्यस्था की रीड की हड्डी होता है। इसलिये उत्तम क्वालिटी का बीज रखना खाद-बीज विक्रेताओं के लिये अनिवार्य है। अब खाद बीज बेचने के लिये विक्रेताओं को मोबाइल पर साॅफ्टवेयर डाउनलोड करवाना अनिवार्य है। बिना बीएससी (कृषि) के खाद बीज नहीं बेचा जा सकता। इस हेतु सरकार द्वारा 6 माह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, फीस 35000 है जिसमें से सरकार 25000 छूट प्रदान करती है। इसप्रकार केवल 10000 में 6 माह का प्रशिक्षण हो जाता है।
एक लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में हो रहा बाजरा
एक लाख 20 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजारा की बुर्बाइ होती है जिसमें से 1 लाख 10 हजार हैक्टेयर प्राईवेट सेक्टर
से होती है और केवल 10 हजार हैक्टेयर बाजरे की बुबाई सरकारी एजेंसियों
से होती है। आगरा में बाजरे के 600 ब्रांड उपलब्ध हैं। अतः अच्छी कंपनियों
का बाजार ही विके्रतागण को बेचना चाहिये। बैठक में चैम्बर के पूर्व अध्यक्ष एवं मीडिया प्रकोष्ठ के चेयरमैन मनीष अग्रवाल,मुकेश अग्रवाल, महेश वाष्र्णेय, सुधीर चोला, रवि षर्मा, विनोद अग्रवाल, महेश गुप्ता, अमित गुप्ता, राजीव गुप्ता, श्री नाथ बंसल, डी0डी0 शुक्ला आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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