
सोमवार को बाह और जैतपुर में के गांवों में आधे घंटे तक ओलावृष्टि हुई। भदरौली, खोड़, किन्दरपुरा, इन्द्रायनी, होलीपुरा, जैतपुर के चरीथा, पारना, गढ़ी बरौली, कमतरी, गोपालपुरा, नौगवां, गढ़वार, कचौराघाट, चित्राहाट आदि के किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। भदरौली के किसान ध्रुव शर्मा, इन्द्रायनी के महेन्द्र सिंह, होलीपुुरा के प्रभात चतुर्वेदी ने बताया कि गेहूं और सरसों की फसल ज्यादा प्रभावित हुई हैं। जैतपुर के गोपालपुरा के डा. शिवचरन, गढ़ी बरौली के सुरेेश सिंह, गढ़वार के धर्म सिंह, पारना के जय सिंह ने बताया कि क्षेत्र के किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं। बाह के पुरा कनैरा, फरैरा, मुडियापुरा, बासौनी, पड़कौली में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। किसान अजयपाल, लाखन सिंह, गिर्राज सिंह ने बताया कि खेत में आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। पिनाहट के गांव सांवलदास पुरा, विप्रावली, बीच का पुरा, नयाबांस, अमर सिंह का पुरा, लड़उआपुरा, भौनिकापुरा, नाहर सिंह का पुरा, नगला भरी, कुकथरी, पलोखरा, मंसुखपुरा, करकौली, महंगौली, बरेण्डा, रेहा, अर्जुनपुरा, हुसैनपुरा, स्याही पुरा, भदरौली, तासौड़, क्यौरी, अरनौटा आदि गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ।
खेरागढ़, सैंया और लादूखेड़ा क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और लगभग 20 मिनट तक ओले गिरने से गेहूं और आलू की फसलें तबाह हो गई। खेरागढ़ के गांव ऊंटगिरि, भिलावली, बुरहरा, चीत, सैंया और लादूखेड़ा के गांव लक्खीपुरा, बृथला, डोरी पुरा, खेड़िया में फसलें लगभग पचास फीसदी नष्ट हो गई है। तहसीलदार रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि नुकसान का आकलन करने के लिए लेखपालों को निर्देशित किया है। वह खुद भी गांवों में जाकर किसानों से मिल रहे हैं। नुकसान की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। शाम के समय भाजपा नेता श्यामसुंदर पाराशर, दिनेश गोयल, विजयपाल सिंह, होतम सिंह सिकरवार, मोहन गोयल आदि ने फसलों का जायजा लेकर किसानों के लिए मुआवजे की मांग की।
कागारौल के गांव दिगरौता, रिठौरी, गढ़मुक्खा, विश्रामपुर, चीतपुर, नगला बिरजा समेत कई अन्य गांवों में गेहूं, जौ, सरसों की फसलों में नुकसान हुआ है। किसान राजकुमार, राजेन्द्र प्रसाद, दीवान सिंह, मुख्तयार चाहर, इन्द्रपाल, हजारीलाल, सत्यवीर आदि का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह चौपट हो गई हैं।
मुआवजे की मांग
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान को देखते हुए अब किसानों के लिए मुआवजे की मांग उठने लगी है। विभिन्न दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता खेतों में जाकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। रुनकता में तहसील प्रशासन की टीम ने खेतों में जाकर नुकसान का आकलन किया।
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