आगरालीक्स ..आगरा के बीएसए कार्यालय में लगी आग में नया मोड, साजिश के तहत जांच में फर्जी संदिग्ध शिक्षकों को बचाने के लिए लगाई आग, इस मामले में पुलिस ने बीएसए की तहरीर पर साजिश के तहत एसआईटी द्वारा चल रही जांच के दस्तावेज जलाने के लिए आग लगाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है, दो कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है।
आगरा में सदर तहसील के पास में बीएसए कार्यालय है, मंगलवार रात नौ बजे कार्यालय में बाबू रक्षपाल के कक्ष से आग उठती देख चौकीदार राजेंद्र बाबू ने बीएसए ओमकांर सिंह को जानकारी दी, स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, दमकल की गाडियां पहुंच गईं, इससे पहले ही आग पर काबू पा लिया गया।
214 संदिग्ध शिक्षकों के रिकॉर्ड
जिस कमरे में आग लगी, उसमें
2010 से 2018 तक शिक्षकों की भर्ती मामले की जांच के दस्तावेज रखे हुए थे, इसमें 214 संदिग्ध शिक्षकों के दस्तावेज थे। बाबू
रक्षपाल सिंह का कहना था कि प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के बाद शिक्षकों की सूची तैयार की गई थी। उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। एसआइटी वाले मामले में तीसरा नोटिस जारी कर दिया गया था। शुरुआत से ही उन्हें धमकियां मिल रही थीं।
गेट पर लगा बाहर से ताला
बीएसए कार्यालय के गेट पर बाहर से ताला लगा हुआ था। जिस कमरे में आग लगी, उसकी खिड़की का शीशा टूटा हुआ था। इससे कमरे में बाहर से ही आग लगाने की आशंका जताई जा रही थी।
साजिश के तहत लगाई आग
इस मामले में बुधवार रात को बीएसए ओमकांर सिंह की तहरीर पर साजिश के तहत एसआईटी जांच के दस्तावेजों में अज्ञात द्वारा आग लगाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है।