आगरालीक्स ..आगरा में कोरोना से ठीक हो गए मरीजों के खून से निकालने गए प्लाज्मा से पहला मरीज ठीक हो गया। 1291 मरीज ठीक हो गए हैं लेकिन प्लाज्मा दान नहीं कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों का इलाज कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के ब्लड से प्लाज्मा निकालकर किया जा रहा है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थैरेपी का पहला केस सफल रहा। यहां आठ जुलाई को हलवाई की बगीची निवासी 52 साल के रवि चतुर्वेदी को गंभीर हालत में भर्ती किया गया, इन्हें कोरोना से ठीक हो चुके दो एबी पॉजिटिव मरीजों का नौ और 10 जुलाई को प्लाज्मा चढाया गया। रवि चतुर्वेदी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, प्लाज्मा थैरेपी के बाद हालत में सुधार हुआ। ठीक होने पर गुरुवार को छुटटी कर दी गई।
कोरोना के मरीजों की जान बचाने को प्लाज्मा दान करने की अपील
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय काला और ब्लड बैंक प्रभारी डॉ नीतू चौहान ने कोरोना से ठीक हो चुके आगरा के 1291 लोगों से कोरोना मरीजों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा दान करने की अपील की है। कोरोना को मात दे चुके लोग डिस्चार्ज होने के 28 दिन से चार महीने तक प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं। 450 एमएल प्लाज्मा डोनेट कराया जाता है। हर मरीज को दो यूनिट प्लाज्मा दिया जाता है, मरीज का जो ब्लड ग्रुप है उसी ब्लड ग्रुप का प्लाज्मा चढाया जाता है। एक मरीज के लिए दो डोनर की जरूरत होती है।