आगरालीक्स ..(Agra News 20th June)आगरा में पहली शुगर को कंट्रोल करने और मोटापा कम करने की सर्जरी एक साथ एसएन मेडिकल कॉलेज में की गई। प्राचार्य डा संजय काला का दावा यह आगरा की पहली बेरियाट्रिक मेटाबॉलिक सर्जरी। अब दिल्ली नहीं जाना पडेगा। बीएचयू, वाराणसी के प्रोफेसर की एसएन मेडिकल कालेज में डॉक्टरों की टीम ने की सर्जरी।
एसएन में रविवार को एक बडी सर्जरी की गई, इस तरह की सर्जरी दिल्ली के निजी हॉस्पिटल में तीन से चार लाख में होती हैं। एसएन के प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कि दिल्ली के डॉ अतुल पीटर्स के साथ मिलकर कई सालों से दवाएं और इंसुलिन लेने के बाद भी शुगर कंट्रोल न होने से परेशान बीएचयू के प्रोफेसर की बैरियाट्रिक एवं मेटाबॉलिक सर्जरी की गई। 45 साल के प्रोफेसर का वजन 108 किलोग्राम होने के साथ शुगर कंट्रोल न होने पर यह सर्जरी की गई।
इस तरह की गई सर्जरी
एसएन मेडिकल कॉलेज में लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ सुरेंद्र पाठक ने बताया कि बैरियाट्रिक एवं मेटाबॉलिक सर्जरी (स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी विथ ड़्युओडेनो-जेजूनल बाइपास सर्जरी) लैप्रोस्कोप एवं एंडो-स्टेप्लर की मदद से की गई। एक सेंटिमीटर से भी छोटे चीरे से ऐसी पहली सर्जरी की गयी है । सर्जरी करीब डेढ घंटे चली। इस सर्जरी के बाद इस ऑपरेशन के बाद जल्दी ही मरीज़ की डायबिटीस के दवाओं पे निर्भरता घट जाएगी तथा मरीज़ का ब्लड शुगर एवं वजन भी नियंत्रण में आ जाएगा ।
जूनियर डॉक्टरों को किया प्रोत्साहित
सर्जरी के बाद डॉक्टर अतुल पीटर्ज़ , डॉक्टर संजय काला, डॉक्टर ऋचा जैमन, डॉ जूही सिंघल, डॉ सुरेंद्र पाठक, एनस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर त्रिलोकचंद्र पिप्पल , डॉक्टर राजीव पुरी एवं डॉक्टर स्नेहिल ने जूनियर डाक्टरों को प्रोत्साहित किया। जिससे की आगे चलकर ये नए चिकित्सक अपनी विधा में महारत हासिल कर सके एवं मरीज़ों की चिकित्सा में अपना योगदान दे सके। मरीज़ का ऑपरेशन सफलतापूर्वक हो सके इसके लिए एनस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर त्रिलोकचंद्र पिप्पल , डॉक्टर राजीव पुरी एवं डॉक्टर स्नेहिल ने मरीज़ को जेनरल एनस्थीसिया दिया तथा ऑपरेशन के दौरान भी मरीज़ के वाइटल्स को स्थिर रखा। सर्जरी एवं एनस्थीसिया विभाग के रेज़िडेंट चिकित्सक डॉक्टर अमित कुमार, डॉक्टर सन्दीप राय, डॉक्टर अतुल सिंह, डॉक्टर अभिषेक निगम, डॉक्टर शिवम शर्मा, डॉक्टर शुभांकर अवस्थि डॉक्टर सिमरन, डॉक्टर साधना, डॉक्टर उमेश, डॉक्टर वात्स्यायन, डॉक्टर जूही का योगदान भी सराहनीय रहा। ऑपरेशन के पश्चात मरीज़ की स्थिति सामान्य है तथा डाक्टरों की देखरेख में है ।