आगरालीक्स… गुप्त नवरात्र 30 जून से शुरू हो रहे हैं। पूजा विधि, घट स्थापना, नवरात्र का महत्व, क्या करें और क्या नहीं के साथ विस्तृत जानकारी।
गुप्त नवरात्र का समापन आठ जुलाई को

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि आषाढ़ गुप्त नवरात्र 30 जून से प्रारंभ होंगे और 08 जुलाई को इसका समापन होगा। इसे गायत्री नवरात्र के नाम से भी जाना जाता है।
प्रतिवर्ष चार नवरात्र होते हैं
हिन्दू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र शुरू होती है। हिन्दू धर्म में प्रतिवर्ष 4 नवरात्र मनाई जाती है। इनमें चैत्र और शरद नवरात्र व पौष और आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्र होती है। चैत्र और शरद नवरात्र अधिक उल्लास के साथ मनाई जाती है।
तंत्र विद्या के लिए फलदायी है गुप्त नवरात्र

गुप्त नवरात्र तंत्र साधना के लिए विशेष फलदायी मानी गई है। गुप्त नवरात्र में माता काली के गुप्त स्वरुप की पूजा करने का विधान है। तंत्र साधना के लिए की जाने वाली पूजा कठिन होती है, इसलिए इसे गुप्त नवरात्र कहा जाता है
चौघड़िया मुहूर्त अनुसार घट स्थापना
💥 30 जून 2022 की सुबह 05:32 बजे से 07:14 तक शुभ का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा। इसके बाद सुबह 10:40से दोपहर 02:05 तक चर लाभ अमृत के तीन बहुत सुंदर चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे जिसमे घट स्थापना करना अत्यंत शुभ माना जाएगा।
घटस्थापना की पूजा विधि
🍁 मिट्टी के बर्तन में सप्त धान्य (सात प्रकार के अनाज) को रखें।
🍁 अब एक कलश में जल भरें और उसके ऊपरी भाग (गर्दन) में कलावा बाँधकर उसे उस मिट्टी के पात्र पर रखें।
🍁 कलश के ऊपर अशोक अथवा आम के पत्ते रखें।
🍁 नारियल में कलावा लपेट लें।
🍁 इसके उपरान्त नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर और पल्लव के बीच में रखें।
🍁 घटस्थापना पूर्ण होने के बाद देवी का आह्वान करें।
♦ आषाढ़ गुप्त नवरात्र पर बन रहे हैं विशेष योग
🔥 गुप्त नवरात्र की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि ,गुरुपुष्य योग मै 30 जून से होगी और 08 जुलाई को इसका समापन होगा। इस योग को शुभ फल प्रदान करने वाला माना गया है इसलिए इस योग में देवी शक्ति की पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा। हर प्रकार की सिद्धि इस योग में प्रारंभ की जा सकती है
गुप्त नवरात्र का महत्व
🌷 आषाढ़ गुप्त नवरात्र में भी आम नवरात्र की तरह माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। इस नवरात्र में तांत्रिक सिद्धियों के लिए विशेष पूजा और साधना की जाती है। गृहस्थ साधकों को गुप्त नवरात्र के इन नौ दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। इसके प्रभाव से घर-परिवार में धन-धान्य व सुख-समृद्धि आती है।
गुप्त नवरात्रि में क्या न करें
🌺 इन 9 दिनों में माता की साधना करने वाले जातकों को काले कपड़े नहीं पहनना चाहिए।
💥 गुप्त नवरात्र के दौरान व्रत व अनुष्ठान करने वाले भक्तों को दिन में नहीं सोना चाहिए।
🍁 देवी आराधना के इस पर्व में किसी नारी का अपमान नहीं करना चाहिए।
⭐इन नौ दिनों में बाल और नाखून नहीं काटना चाहिए।
🔥 प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
🌸 चैत्र और शरद नवरात्र की तरह ही आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का भी बहुत महत्व है। क्योंकि ये नौ दिन देवी शक्ति की आराधना के दिन है और इन दिनों में माता की भक्ति से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।