अलीगढ़लीक्स… हाथऱस की निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए देशभर में भारी गुस्सा है। हाथरस पहुंचने से पूर्व ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और प्रियंका गांधी को यमुना एक्सप्रेस पर हिरासत में ले लिया गया है।
आज कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस रवाना हुए तो उनकी गाड़ी को ग्रेटर नोएडा पर ही रोक लिया गया। इस पर वे पैदल ही हाथऱस के लिए चल पड़े। इस दौरान कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। कुछ देर बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया तो पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओँ के बीच झड़प शुरू हो गई।
राहुल ने कहा, मेरे साथ हुई बदसलूकी
पुलिस की कार्रवाई से नाराज राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उनके साथ पुलिस ने हद दर्जे की बदसुलूकी की, उन्हें धक्का दिया गया, जमीन पर गिरा दिया गया और लाठीचार्ज किया गया।
मेरी भी बेटी 18 साल कीः प्रियंका
वहीं गुस्साई प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से गुस्सा बढ़ना स्वाभाविक है। मेरी भी 18 साल की बेटी है। इस तरह की घटनाओं पर हर महिला को गुस्सा आना ही चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। हर रोज प्रदेश में संगीन वारदातें हो रही हैं। सरकार इन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही। आप हिन्दू धर्म के रखवाले हैं और आपने ही ऐसी स्थिति बना दी है कि एक पिता अपनी बेटी की चिता नहीं जला पा रहा है।
काफिले को रोका
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आज दिल्ली से हाथरस के लिए रवाना हुए तो ग्रेटर नोएडा के पास उन्हें पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस पर वह पैदल ही हाथरस की ओर रवाना हो गए। बाद में राहुल और प्रियंका को गाड़ी से आगे जाने दिया गया लेकिन उनके साथ जा रहे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक दिया गया। राहुल के काफिले में करीब 35 गाड़ियां थीं। कांग्रेस नेताओँ को यमुना एक्सप्रेसवे से खंदौली टोल प्लाजा होकर हाथरस पहुंचना है। खंदौली पर भी भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
लखनऊ में भी लाठीचार्ज
वहीं लखनऊ में सीएम आवास का घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई लोग चोटिल हो गए। वहीं वाराणसी, प्रतापगढ़, बदायूं समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए गए।
यह थी घटना
हाथरस के चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर को 18वर्षीय लड़की के साथ गैंगरेप किया गया था। इस दौरान उसका गला दबाने से गर्दन की हड्डी टूट गई थी, जीभ कट गई थी। युवती को जेएन मेडिकल कालेज अलीगढ़ भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर सफदरजंग दिल्ली अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रदेश सरकार ने जांच को एसआईटी का भी गठन किया है।