आगरालीक्स…. हार्ट डे पर जानें, कौन सी जांच हैं जिससे हार्ट अटैक का चल सकता है पता, आगरा के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष शर्मा से जानें कौन सा दर्द हार्ट अटैक का हो सकता है, कब ईसीजी, ईको, एंजियोग्राफी कराएं।
आज हार्ट डे है, विश्व भर में हार्ट डे इसलिए मनाया जाता है कि लोगों को जागरूक किया जा सके कि वे अपने दिल के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। ह्रदय रोग को लेकर डॉक्टरों के अलग अलग मत हैं लेकिन कुछ मत एक जैसे हैं। जैसे जिन घरों में ह्रदय रोगी हैं वहां ह्रदय रोग की आशंका अधिक है। तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन के साथ शराब भी पीते हैं तो हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसी तरह से तनाव, मोटापा और मधुमेह हार्ट अटैक को बढ़ाता है। पुष्पांजलि कार्डिय केयर के डायरेक्टर वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ़ मनीष शर्मा ने बताया कि ह्रदय रोग की आशंका को कम करने के साथ ही हार्ट अटैक पड़ने पर समय से इलाज मिलने से जान बच सकती है। इसके लिए जरूरी है कि नियमित व्यायाम करें, घर का बना कम चिकनाई युक्त भोजन लें और खुश रहें, इससे भी दिल को स्वस्थ्य रख सकते हैं।

हार्ट अटैक का पता लगाने पर की जाने वाली प्रारंभिक जांच
ट्रोपोनिन टेस्ट, हार्ट अटैक के दौरान दिल की मसल्स डेमेज होने पर ट्रोपिनि प्रोटीन का स्राव होता है, ट्रोपिनिन का स्तर बढ़ने का आशय हार्ट अटैक है।
ईसीजी इससे दिल पर पड़ने वाले प्रेशर का पता चलता है
ईको कार्डियोग्राम यह दिल का अल्ट्रासाउंड होता है
सीने में दर्द, एक लक्षण लेकिन कारण अलग अलग
एसिडिटी का दर्द सीने में एक खास जगह पर चुभता महसूस होता है, इसे उंगली रखकर बता सकते हैं यहां दर्द हो रहा है।
एंजाइना सीने के बीच में भारी दबाव महसूस हो, घबराहट और ऐसा लगे कि सांस रुक रही है, दर्द जबड़े की तरफ जाए, काम करने पर दिल में दर्द महसूस हो तो एंजाइना का दर्द हो सकता है
एंजाइना से तुरंत नुकसान नहीं होता है लेकिन इसे नजरअंदाज न करें, डॉक्टर को दिखा दें और इलाज कराएं
हार्ट अटैक, सीने के बीचोंबीच दर्द हो, दर्द बाएं हाथ की तरफ जाता हुआ महसूस हो, सीने पर पत्थर जैसा दबाव महसूस हो, घबराहट, बेचैनी और पसीना आए और दर्द कम होने के बजाय बढ़ता जाए
मरीज केा 300 मिग्रा की एस्प्रिन दे देनी चाहिए, ब्लड प्रेशर कम करने की दवा भी दे सकते हैं और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए
इस तरह के केस में कुछ दवाएं दी जाती हैं, इसके बाद एंजियोग्राफी की जाती है, ब्लॉकेज होने पर स्टेंट डाल कर एंजियोप्लास्टी की जाती है।
कार्डियक अरेस्ट अचानक से ब्लड प्रेशर नीचे गिरने लगे, शरीर पीला पड़ने लगे, लड़खड़ाकर जमीन पर गिर जाए, धड़कन बहुत तेज हो जाएं, यह कार्डियक अरेस्ट के लक्षण हो सकते हैं, 10 मिनट में मरीज को इलाज मिलने पर जान बचाई जा सकती है
इस तरह के केस में सीपीआर देने की जरूरत होती है।