आगरालीक्स ..आगरा में पेट के कीडे मारने वाली सस्ती आइवरमेक्टिन दवा दी जा रही है, इससे कोरोना संक्रमित होने का खतरा कम हो रहा है। कई रिसर्च पेपर भी आ चुके हैं।
छह अगस्त को अपर मुख्य सचिव, अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना के संक्रमण की रोकथाम और इलाज के लिए आइवरमेक्टिन टैबलेट के इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद आगरा में स्वास्थ्य विभाग की टीम हॉट स्पॉट और कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों को यह दवा देगी, यह दवा इलाज में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों को भी दी जाएगी। इस दवा के लेने से कोरोना के संक्रमण की आशंका कम हो रही है। इलाज में भी दवा का इस्तेमाल किया जा रहा है, इसे लेकर कई रिसर्च पेपर भी आ चुके हैं।
इस तरह लेनी है दवा
कोरोना के इलाज और नियंत्रण में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमण से बचाव के लिए प्रति किलोग्राम शरीर के भार पर 200 म्यू ग्राम के हिसाब से पहले, सातवें व 30वें दिन और आवृत्ति क्रम में प्रति माह में एक बार आइवरमेक्टिन दी जानी है। लक्षणविहीन और हल्के लक्षणों वाले कोविड-19 के पुष्ट रोगियों के इलाज में आइवरमेक्टिन को प्रति किलोग्राम शरीर के भार पर 200 म्यू ग्राम के हिसाब से पहले तीन दिनों तक रात्रि में एक बार भोजन के दो घंटे बाद व्यस्क व्यक्ति में औसतन 12 मिलीग्राम दवा दी जाएगी। साथ ही डॉक्सीसाइक्लीन 100 म्यू ग्राम दवा दिन में दो बार पांच दिन तक दी जाएगी।
रोकथाम के लिये भी किया जा रहा उपयोग
आइवरमेक्टिन दवा का उपयोग उपचार के साथ-साथ कोविड-19 वायरस की रोकथाम के लिये भी किये जाने के निर्देश दिये गये हैं. स्वास्थ्यकर्मी, सफाईकर्मी व अन्य फ्रंटलाइन वॉरियर्स में कोविड-19 वायरस की रोकथाम के लिये भी इस दवा का उपयोग किये जाने के निर्देश दिये हैं.
ये है दवा देने का तरीका
उपचाराधीन के संपर्क में आने वाले व्यक्ति के लिये
कोविड-19 संक्रमण के पुष्ट रोगी के संपर्क में आये व्यक्तियों में संभावित संक्रमण से बचाव हेतु पहले व सातवें दिन रात्रि भोजन के दो घंटे पश्चात दी जानी चाहिए.

इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिये
कोविड-19 के उपचार एवं नियंत्रण में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों में संक्रमण से बचाव हेतु दी जानी है |
कोविड-19 उपचाराधीन, लक्षण रहित मरीज व हल्के लक्षण वाले मरीज को प्रथम तीन दिन तक दवा दी जानी चाहिए. इसके साथ ही डॉक्सीसाइक्लिन दवा पांच दिन तक दिन में दो बार दी जानी चाहिए.
गर्भवती महिलाओं व दो वर्ष से कम बच्चों को नहीं दें यह दवा
गर्भवती और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी। डॉक्सीसाइक्लीन दवा भी गर्भवती और 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी।