आगरालीक्स… आगरा में भव्य श्री खाटू श्याम जी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में खाटू श्याम जी की शोभायात्रा मनःकामेश्वर मंदिर से भव्य रथ पर प्रारम्भ हुई। पवित्र अग्नि की ज्योत के साथ उठे सैकड़ों हाथ और हर तरफ फूलों की वर्षा। रंग बिरंगी ध्वजाओं के साथ सुगंधी का झिड़काव और मन में भक्ति का भाव। कुछ ऐसा ही नजारा था आज श्रीमनःकामेश्वर मंदिर से प्रारम्भ हुई खाटू श्याम जी की नगर भ्रमण यात्रा का। श्याम बाबा (खाटू श्याम जी) की झांकी नगर भ्रमण को निकली तो भक्तों का सैलाब उनके दर्शन को उमड़ पड़ा। सोने का छतर व मुकुट धारण किए बाबा की एक झलक और प्रसाद पाने को हर कोई ललायित था। ढोल नगाड़ों व पांच बैंड बाजों की भक्तिमय स्वरलहरियों ने भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जहां से बाबा की सवारी गुजरी लोग छत या कमरों की खिड़कियों से दर्शन को झांकते नजर आए। राह चलते राहगीर भी बाबा की झलक पाने को रुक गए। शोभा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। बाबा के रथ को विशेष चौर पर दिल्ली के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया था।
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शोभायात्रा श्रीमनःकामेश्वर मंदिर से प्रारम्भ होकर रावत पाड़ा, जौहरी बाजार, दरेसी, मोतीगंज, कचहरी घाट, छत्ता बाजार, बेलनगंज, भैरों बाजार होते हुए जीवनी मंडी स्थित नवनिर्मित खाटू श्याम जी के मंदिर पर पहुंची। मनःकामेस्वर मंदिर पर सैकड़ों भक्तों ने बाबा की आरती की और बाबा के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इस बीच बेलनगंज तिकोनिया से 251 कलशों के साथ शोभायात्रा में कलशयात्रा भा शामिल हुई। शोभा यात्रा में मुख्य रूप से आज के यजमान विशाल गोयल व विकास गोयल के साथ अनिल मित्तल, अरुण मित्तल, हेमेन्द्र अग्रवाल, मनीष गोयल, नीतेश अग्रवाल, सुभाष चंद्र अग्रवाल, मनीष संजय राजेश जैसवा, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, दीपक खरे, अनूप गोयल, आकाशगुप्ता, अल्पेश खंडेलवाल, संजय अग्रवाल, अमित गोयल विपिन बंसल, आशीष अग्रवाल आदि उपस्थित थे। कलश यात्रा में मुख्य से रूप सुनीता मित्तल, अरुणा मित्तल, सीमा अग्रवाल, आशी अग्रवाल, अनु अग्रवाल, प्रीति अग्रवाल, नीलम अग्रवाल, रिचा गोयल आदि उपस्थित थीं।
यह थीं आकर्षक झांकियां
ढोल नगाड़ों और ऊंट व हाथी की अगुवाई में सर्वप्रथम प्रथम पूज्य गणपति जी की सवारी के पीछे 15 आकर्षक झांकियां थीं। सबसे अधिक लोगों को लुभाने वाली झांकियों में शमशाम पर भूत प्रेतों के साथ नर कंकाल की माला पहने भोले भंडारी के नृत्य की झांकी, राधा व सखियों के साथ रास रचाते श्री कृष्ण, लठामार होली, और अशोक वाटिका में सीता जी के हरण के बाद रावण और सीता के संवाद और श्रीराम व रावण की सेना के बीच घमासान युद्ध। मां दुर्गा, विष्णु भगवान सहित सभी आकर्षक झांकियां लोगों को अपनी ओर शीश झुकाने को विवश कर रहीं थीं। वहीं जंगल में हुड़दंग मचाते और लोगों को डराते लंगूरों की सेना भी आकर्षण का केन्द्र बनीं। और अंत में थी सैकड़ों लहराती ध्वजाओं के बीच खाटू ख्याम जी की झांकी। जिसके दर्शन को हर कोई ललायित था।
जगह-जगह हुआ शोभायात्रा का स्वागत
श्रीमनःकामेश्वर मंदिर से प्रारम्भ हुई शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ। शोभायात्रा की आरती कर भक्तों को जलपान कराया गया। स्वागत कर्ताओं में मुख्य रूप से कुंजामल एंड सन्स (रावतपाड़ा), राधेश्याम चौधरी कचहरी घाट, जौहरी बाजार गिर्राज सेवा मंडल, बेलनगंज जीरे वाले अनिल मित्तल, जीवनी मंडी मातंगी टावर, नीतेश चैन दरेसी-1, लक्ष्मी मार्केट निर्मल रूई, भैरव बाजार राधेश्याम गेहूं वाले, किराना कमेटी रावत पाड़ा, कपड़ा बाजार आदि थे।
26 फरवरी तक हर दिन होंगे कार्यक्रम
-17-21 फरवरी तक सुबह 8 से 12.30 बजे व दोपहर 2.30 से शाम 6 बजे तक बनारस के महन्त श्री त्रिलोकी नाथ जैतली द्वारा प्राण प्रतिष्ठा पूजन किया जाएगा।
-17-26 फरवरी तक प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक देश के जाने माने भजन गायकों द्वारा संर्कीतन का आयोजन किया जाएगा।
-26 फरवरी रंगभरनी एकादसी पर फूलों व लड्डू की होली का विशेष आयोजन होगा।