आगरालीक्स.. (निशांत).. निमोनिया से पीडित बच्चों की जान बचाने के लिए समय कम होता है, ऐसे में सही इलाज मिल जाए तो जान बच सकती है। आगरा में मधुकर रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, साउथ दिल्ली और इंडियन एकेडमी आॅफ पिडियाट्रिक्स आगरा यूनिट द्वारा गुरुवार को होटल डबल ट्री बाई हिल्टन में आयोजित सीएमई में बच्चों की सांस संंबधी बीमारी, उसकी जांच और इलाज पर चर्चा की।
डॉ प्रवीन खिलनानी, क्लीनिकल डायरेक्टर मधुकर रेनबो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, साउथ दिल्ली ने कहा कि बच्चों के सांस संबंधी संक्रमण होने पर उसकी सही जांच के बाद अच्छे सेंटर पर इलाज कराने से जान बच सकती है। मगर, अधिकांश केस में देर से बीमारी का पता चलता है, इससे निमोनिया से लेकर डेंगू और बुखार के केस बिगड जाते हैं, ऐसे केस में बच्चे की जान बचाना मुश्किल होता है। इन्हें तुरंत अच्छे सेंटर में इलाज मिल जाए तो बच्चों की जान बच सकती है। बाल चिकित्सा सर्जरी के सलाहकार डॉ राकेश हांडा ने बच्चों में होने वाले ब्लड कैंसर सहित अन्य बीमारियों पर चर्चा की गई।