आगरालीक्स… मल्हार उत्सव में घोर घोर बरसे बदरवा… राग मेघ मल्हार और मीरा बाई के भजन “बदरा तू जल भर ले आ… जैसे रागो पर श्रोता मंत्रमुग्ध।
अरूंधती भट्टाचार्य की प्रस्तुति पर झूमे
आगरा की प्राचीनतम शास्त्रीय संगीत संस्था भारतीय संगीतालय वर्षा ऋतु के मौके पर यूथ हॉस्टल में मल्हार उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें श्रोता अरूंधती भट्टाचार्य के शास्त्रीय गायन पर श्रोता झूम उठे।
घोर घोर बरसे बदरवा पर गूंजती रही तालियां
उन्होंने राग श्याम कल्याण से अपनी प्रस्तुति प्रारंभ की बंदिश के बोल थे “बीत गई सांझ,…. ” राग सूर मल्हार में दो बंदिशे “बदरवा बरसन को आए…” “घोर घोर घोर घोर बरसे बदरवा…..”, राग मेघ मल्हार में ” ” राग जोग में “सुर नर मुनिजन निश धयावे…” मीरा बाई जी का भजन “बदरा तू जल भर ले आ….” अंत में राग भैरवी में झूला “यशोदा हरि पलने झुलावे…..” से अपने सुमधुर गायन का समापन किया ।
तबले पर मिहीर हरमोनियम पर टी रविंद्र ने बांधा समां
तबले पर संगत सूचना एवम प्रसारण मंत्रालय दिल्ली के मिहीर कुमार तथा हरमोनियम पर संगत आगरा के पंडित टी रविंद्र जी ने की।
भारतीय संगीतालय की छात्राओं ने की सरस्वती वंदना

मल्हार उत्सव का शुभारंभ भारतीय संगीतालय के संस्थापक पंडित गोपाल लक्ष्मण गुणे जी और मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजा बंसल जी, सारदा जी, आरती मल्होत्रा, दीपक प्रह्लाद , प्रो अपर्णा पोद्दार जी ने किया। सरस्वती वंदना भारतीय संगीतालय की छात्राओं ने प्रधानाचार्य गजेंद्र सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत की। साथ ही राग गौड़ मल्हार में ” गरजत बरसात भीजत आई रै के साथ की।