
धनारी थाने के एक गांव की सोलह साल की युवती को रजपुरा थाने का एक युवक रंजीत सात अप्रैल को बहला फुसलाकर भगा ले गया था, 11 अप्रैल-2016 को मुकदमा दर्ज किया गया। महीनेभर तक जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो युवती के परिजनों ने बरामदगी को दबाव बनाया तो दरोगा हरि सिंह मयफोर्स गुरुवार को प्रेमी युवक रंजीत की ननिहाल में अलीगढ़ जिले के गंगीरी थाने के रहतोली गांव पहुंचा। प्रेमी युवक व युवती तो नहीं मिली लेकिन दबाव बनाने को युवक के ममेरे भाई रामनरेश (35) पुत्र लाल सिंह को पकड़ लाया। बिना हवालात में बंद कर दिया। आरोप है कि रात को पुलिस ने युवती का पता पूंछने को उसकी पिटाई भी की। जिससे रामनरेश घबरा गया। शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे उसने अपनी ही शर्ट को हवालात के शौचालय के ऊंचे दरवाजे में फंसाकर फंदा बनाया और उससे लटककर आत्महत्या कर ली।
पुलिस फोर्स किया तैनात
थाना पुलिस को करीब पौन घंटे के बाद पता चला, जब उसकी हालत देखी। थाने में अफरा तफरी मच गई। आनन फानन में उसे अपराह्न 3.20 बजे बहजोई राजकीय अस्पताल लाए, जहां डा.संजीव कुमार ने उसे पहले से ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना, अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित, सीओ प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। परिजनों को सूचना दी गई, उनके हंगामे के भय से धनारी थाना व बहजोई अस्पताल पर कई थानों की फोर्स, पीएसी तैनात कर छावनी बना दिया गया।
इन्हें किया गया सस्पेंड
अतुल सक्सेना, पुलिस अधीक्षक संभल ने मीडिया को बताया कि धनारी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार यादव, उपनिरीक्षक हरी सिंह, कांस्टेबल ब्रजेश कुमार, चंद्रपाल, विनोद कुमार, विजयपाल, ऊषा रानी को सस्पेंड कर दिया है। घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है।
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