आगरालीक्स…. (Mankameshar Temple receiver case )श्री मन: कामेश्वर मंदिर के प्रबंधन को सरकार को सौंपने के लिए रिसीवर नियुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र पर 28 मार्च को सुनवाई।
अनिल कुमार अग्रवाल और अन्य ने अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में कहा कि मन: कामेश्वर नाथ मंदिर दरेसी नंबर 2 में एक धर्मार्थ मंदिर है, प्रतिवादी हरिहर पुरी और योगेश पुरी मंदिर के महंत हैं। प्रतिवादी मंदिर की संपत्ति के मालिक नहीं हैं, केवल मंदिर के महंत हैं और मठाधीश हैं जिन्हें केवल मंदिर में पूजा करने और धार्मिक कार्य करने का आधिकार है।
कहा है कि महंत हरिरि पुरी और योगेश पुरी अनधिक्रत रूप में सुबह 4.30 बजे होने वाली मंगला आरती के लिए बड़े पैमाने पर जनता को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं देते हैं, मंदिर को बंद कर देते थे, मंदिर की संपत्ति का अपनी संपत्ति की तरह उपयोग और आनंद ले रहे हैं। प्रार्थना पत्र में किराया सूची भी संलग्न की गई है, कहा गया है कि किरायेदारों से वसूली किराया और मंदिरों में पूजा करने वालों की ओर से लगाया गया धन महंत का नहीं है।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि न्याय हित में मंदिर से महंत हरिहर पुरी और योगेश पुरी का कब्जा हटाया जाए। श्री मनाकेश्वर नाथ मंदिर के सभी मामलों का प्रबंधन और पूजा करने वालों की ओर से चढ़ावे के रूप में दिर जाने वाले धन का हिसाब किताब रखने के लिए एक रिसीवर नियुक्त है।