Monday , 26 October 2026
Home आगरा Many Leelas Manchan in Ramlila on Thursday in Mankameshwar Mandir, Agra…#agranews
आगराटॉप न्यूज़सिटी लाइव

Many Leelas Manchan in Ramlila on Thursday in Mankameshwar Mandir, Agra…#agranews

334

आगरालीक्स…(14 October 2021 Agra News) रावण की लंका को जलाकर बोले हनुमान—जय श्री राम…आगरा के मनकामेश्वर में चल रही रामलीला में बाली वध, हनुमानजी का लंका गमन व जलाना, विभीषण शरणागति, रामेश्वर पूजन, रावण की सभा में अंगद द्वारा पैर जमाना का मंचन किया गया…

सु्ग्रीव—बाली में कोई अंतर नहीं देख पाए श्रीराम
प्रभु श्रीराम सुग्रीव से कहते हैं कि तुम बाली को युद्ध के लिये ललकारो और निर्भय हो कर युद्ध करो। राम के वचनों से उत्साहित हो कर सुग्रीव ने बाली को युद्ध करने के लिये ललकारा। सुग्रीव के इस सिंहनाद को सुन कर बाली को अत्यन्त क्रोध आया। क्रोधित बाली आँधी के वेग से बाहर आया और सुग्रीव पर टूट पड़ा। बाली और सुग्रीव में भयंकर युद्ध छिड़ गया। उन्मत्त हुये दोनों भाई एक दूसरे पर घूंसों और लातों से प्रहार करने लगे। श्री रामचन्द्र जी ने बाली को मारने के लिये अपना धनुष सँभाला परन्तु दोनों का आकार एवं आकृति एक समान होने के कारण वे सुग्रीव और बाली में भेद न कर सके। इसलिये उन्होंने बाण छोड़ना स्थगित कर दिया। राम , लक्ष्मण अन्य वानरों के साथ सुग्रीव के पास पहुँचे। राम को सम्मुख पा कर उसने उलाहना देते हुये कहा, मुझे युद्ध के लिये भेज कर आप पिटने का तमाशा देखते रहे। बताइये आपने ऐसा क्यों किया? यदि आपको मेरी सहायता नहीं करनी थी तो मुझसे पहले ही स्पष्ट कह देना चाहिये था कि मैं बाली को नहीं मारूँगा, मैं उसके पास जाता ही नहीं।

श्रीराम ने किया बाली का वध
सुग्रीव के क्रुद्ध शब्द सुन कर रामचन्द्र बड़ी नम्रता से कहा, सुग्रीव! क्रोध त्यागो और मेरी बात सुनो। तुम दोनों भाई रंग-रूप, आकार, गति और आकृतियों में एक समान हो अतः मैं तुम दोनों में अन्तर नहीं कर सका और मैंने बाण नहीं छोड़ा। वानरेश्वर! अपनी पहचान के लिये तुम कोई चिह्न धारण कर लो जिससे मैं तुम्हें पहचान लूँ और फिर से युद्ध के लिये जाओ। सुग्रीव पुनः युद्ध के लिए बाली को ललकारते है। दोनों एक दूसरे पर घूंसों और लातों से प्रहार करने लगे। जब राम ने देखा कि सुग्रीव की शक्ति क्षीण होते जा रही है तो उन्होंने एक विषधर सर्प की भाँति बाण को धनुष पर चढ़ा कर बाली को लक्ष्य करके छोड़ दिया।बाली के मरणासन्न होते ही प्रभु श्रीराम इसके सम्मुख आकर कहते है कि तुमने छोटे भाई सुग्रीव की पत्नी रुमा का हरण किया जो धर्मानुसार तुम्हारी पुत्रवधू हुई। उत्तम कुल में उत्पन्न क्षत्रिय और राजा का प्रतिनिधि होने के कारण तुम्हारे इस महापाप का दण्ड देना मेरा कर्तव्य था। जो पुरुष अपनी कन्या, बहन अथवा अनुजवधू के पास कामबुद्धि से जाता है, उसका वध करना ही उसके लिये उपयुक्त दण्ड माना गया है। इसीलिये मैंने तुम्हारा वध किया। अब तुम निष्पाप हो कर स्वर्ग जाओगे।

हनुमान पहुंचे लंका, पूंछ में लगाई आग
उधर माँ सीता की खोज प्रारंभ हो जाती है ।हनुमान जी समुद्र पार कर अशोक वाटिका में मां सीता को भगवान श्रीराम द्वारा दी गई अंगूठी देते है। जिसको देखकर मां सीता की आंखे भर आती है। इस दौरान हनुमान ने अशोक वाटिका में पेड़ उखाड़कर फेंक दिए। हनुमान द्वारा वाटिका उजाड़ने की सूचना मिलते ही अक्षय कुमार वाटिका पहुंचे। जहां हनुमान और अक्षय कुमार के बीच युद्ध हुआ व अक्षय कुमार मारा जाता है। इसके बाद मेघनाद युद्ध करने पहुंचा। मेघनाद ने हनुमान जी को बांधकर रावण के दरबार में लाया।रावण की आज्ञा से हनुमान की पूंछ में आग लगाई। हनुमान जी की पूंछ में रावण ने जब आग लगवा दी, तो उसके बाद हनुमान ने उसी पूंछ से रावण की लंका में आग लगा दी। हनुमान जी रावण की सोने की लंका को जलाकर उसका अंहकार तोड़ देते है।

विभीषण पहुंचे राम की शरण
अगली लीला के दृश्य में भक्त विभीषण को रावण द्वारा त्याग देने पर भगवान राम की शरण में आना। भक्त विभीषण का पीछा करते हुए लंका से रावण के गुप्तचर सुख एवं सारण रामा दल में पहुंचते हैं। यहां उनको पहचान लिया जाता है रामा दल की सेना सुख और सारण को सजा देने लगती है तब उन्होंने भगवान राम की शपथ देखकर अपने आप को बचाया। इस बार लक्ष्मण जी द्वारा सुख और सारण को एक पत्र के माध्यम से रावण को संदेश देते हैं वह संदेश ले जाकर रावण को सुनाया जाता है संदेश सोने के उपरांत सुख सारण रामा दल का बखान करते हैं जिस पर रावण नाराज होकर दोनों को लंका से भगा देता है ।भगवान राम द्वारा समुद्र देव को मनाया जाता है। भगवान राम नाराज होकर ब्रह्मास्त्र का आव्हान करते हैं तत्काल घबराए हुए समुद्र देव प्रकट होकर भगवान से क्षमा मांगते हैं और भगवान राम को कहते हैं कि आपकी सेना में नल और नील दो ऐसे वानर है जिनको ऋषि.मुनियों द्वारा श्राप दिया गया था कि वह है जल में
कुछ भी फेंके वह नहीं डूबेगा । आप इस समुद्र पर नल नील के हाथों से पत्थर डलवा कर पुल का निर्माण करें जिससे आप की सेना लंका जा सके ।

अंगद ने किया रावण का अहंकार चूर
पुल निर्माण के पूर्व भगवान राम द्वारा भगवान शिव की स्थापना समुद्र किनारे की जाती है जो कि भारत का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामेश्वरम के नाम से जाना जाता है। पुल निर्माण पूर्ण होने पर भगवान राम की वानर सेना लंका पहुंचती है। लंका पहुंचकर भगवान राम द्वारा अंगद को अपना दूत बनाकर रावण के दरबार में भेजते हैं यहां अंगद जी रावण को समझाते हैं। नहीं मानने पर वह रावण की सभा में अपना पैर जमा देते हैं और कहते हैं कि इस दरबार में बैठे लोग अगर मेरा पैर उठा देंगे तो मैं अभी हार मानते हुए वापस चला जाऊंगा। जिस पर रावण के दरबार में बैठे बड़े से बड़े योद्धा यहाँ तक की पुत्र इंद्रजीत तक अंगद का पैर नहीं उठा पाता। तब रावण स्वयं आकर अंगद के पैरों की ओर झुकता है ।तत्काल अंगद अपना पैर हटा लेते हैं और कहते हैं कि हे रावण आपका स्थान मेरे पैरों में नहीं राम के चरणों में होना चाहिए तब तुम्हारा उद्धार हो जाएगा वह तुम्हें माफ कर देंगे ।यहाँ आज की लीला विराम लेती है।

ये लोग रहे उपस्थित
कल की लीला में रावण कुंभकर्ण को जगाएगा और तत्पश्चात् कुम्भकर्ण वध, लक्ष्मण शक्ति, हनुमान जी का संजीवनी बूटी लाना, मेघनाद वध व रावण वध के बाद बाबा मन: कामेश्वर नाथ जी के दरबार के मुख्य द्वार पर पुतला दहन होगा। आज आरती के समय महंत निर्मल गिरी महंत कैलाश मंदिर,डॉ रजनीश त्यागी,सुभाष ढ़ल, उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत हरिहर पुरी, बंटी ग्रोवर, थानेश्वर तिवारी,निशांत , भोला, अमर गुप्ता ने किया।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

आगरा

Agra News: ‘Wonderful Jainism’ held in the shadow of the Taj in Agra…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में ताज के साये में हुआ ‘वंडरफुल जैनिज्म’. ताज खेमा में...

टॉप न्यूज़

Agra News: Divine darshan at Agra’s Premnidhi Temple and Khatu Shyam Temple on Sharad Purnima…#agranews

आगरालीक्स…शरद पूर्णिमा पर आगरा के प्रेमनिधि मंदिर में महारास के भाव में...

टॉप न्यूज़

Agra News: Kshatriyas roar in Agra; slogans raised demanding the withdrawal of the ‘draconian law’ and a rollback of UGC policies…#agranews

आगरालीक्स…आगरा में गरजे क्षत्रिय. काला कानून वापस लेने, UGC रोलबैक के लगे...

आगरा

Agra News: A blood donation camp was held at Help Agra Hospital. 55 people donated blood…#agranews

आगरालीक्स...आगरा के हेल्प आगरा हॉस्पिटल में लगा रक्तदान शिविर. 55 लोगों ने...

error: Content is protected !!