आगरालीक्स…दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर आगरा में बनेगा नया शहर. ग्रेटर आगरा और न्यू आगरा अर्बन सेंटर होंगे शामिल. यूपी कैबिनेट से मिली नया शहर बसाने के लिए करोड़ों की मंजूरी. जानिए कौन—कौन से एरिया होंगे शामिल. क्या होंगे रेट
बुधवार को योगी कैबिनेट की बैठक में आगरा में नये शहर के लिए करोड़ों की मंजूरी मिली है. न्यू आगरा अर्बन सेंटर और ग्रेटर आगरा को मिलाकर आगरा में एक नया शहर डेवलप किया जाएगा. इसमें बढ़ती आबादी को आधुनिक आवासीय सुविधाओं के साथ रोजगार के भी नये अवसर मिलेंगे.योगी सरकार प्रदेश के महानगरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने और बढ़ती आबादी को बेहतर आवासीय विकल्प देने के लिए बड़े कदम उठा रही है. बुधवार को सरकार ने ताजनगरी आगरा के साथ- साथ बरेली और प्रयागराज में नए शहरों के सुनियोजित विकास के लिए 225 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट को हरी झंडी दे दी है.न्यू आगरा अर्बन सेंटर
आगरा में 10 हजार हेक्टेयर में यमुना एक्सप्रेस के पास न्यू आगरा अर्बन सेंटर बनाया जाएगा. 60 गांवों की जमीन पर यह चार हिस्सों में बनेगा. इसमें उद्योग, पर्यावरण, हेरिटेज व ट्रासंपोर्ट होंगे. न्यू आगरा अर्बन सेंटर अगरपुर, अगवरखास, आंवल खेड़ा, अरेला, बहरामपुर, बेलौथ, बामन, बंधनु, बिहारीपुर, चाऔली, चाऊगन, चाउकरा, छलेसर, खीरिया, खेरिया खंदौली, कुबेरपुर, मदनपुर एएच, मदनपुर, मालुपुर, मूंदी जहांगीपुर, नादू, नगला मनी, नगला निशांख, नगला तुलसी, नहर्रा, नवलपुर, नयाबांस, चिरहौली, नेकपुर, छिरौली, पंत खरा, धगरौली एनएच, धगरौली मस्ट, परबतपुर, धरेरा, परिहार, धोरू, पेसाई, गजौली, पोइया सहित अन्य गांव शामिल किए गए हैं.
ग्रेटर आगरा
आगरा में यमुना एक्सप्रेस वे, लखनऊ एक्सप्रेस वे और इनर रिंग रोड के पास 449.6 हेक्टेयर भूमि पर ग्रेटर आगरा विकसित किया जा रहा है, 5142 करोड़ रुपये से विकसित किए जा रहे ग्रेटर आगरा में 10 टाउनशिप हैं और इन 10 टाउनशिप में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से लेकर उच्च आय वर्ग के 4353 प्लॉट की बिक्री की जाएगी.योजना में आवासीय दर 33 हजार प्रति वर्गमीटर, ग्रुप हाउसिंग भूखण्ड हेतु दर आवासीय दर का 1.50 गुना यानी लगभग 50 हजार प्रति वर्ग मीटर, व्यवसायिक/मिश्रित भूखण्डों हेतु दर आवासीय दर का 2 गुना यानी 66 हजार रुपयें प्रति वर्ग मीटर और सार्वजनिक एवं अर्ध सार्वजनिक सुविधाओं के भूखण्डों का दर आवासीय दर के अनुसार यानी 33 हजार प्रति वर्गमीटर ही आरक्षित रखने का प्रस्ताव किया गया.
कैबिनेट बैठक के इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ आगरा को मिलने जा रहा है. योजना के मुताबिक नए शहरों के विकास के लिए जमीन अधिग्रहण में होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार 'सीड कैपिटल' के रूप में देगी. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस मद में कुल 3500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इसमें से आगरा, बरेली और प्रयागराज के लिए 355.06 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल तय की गई है. कैबिनेट ने पहली किश्त के रूप में 225 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है, जिससे अब आगरा में नए शहर बसाने की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ेगी.
सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय सुविधाएं
योगी सरकार का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में अव्यवस्थित बसावट को रोककर एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार करना है. इस योजना के तहत विकसित होने वाले नए शहरों में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, चौड़ी सड़कें, पार्क और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी. 6 अप्रैल 2023 को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर इन शहरों का समग्र विकास किया जाएगा. सरकार द्वारा दी जाने वाली यह आर्थिक मदद 20 साल की अवधि के लिए होगी, जिससे स्थानीय विकास प्राधिकरणों पर वित्तीय बोझ कम होगा और वे तेजी से काम कर सकेंगे.
बढ़ती आबादी को मिलेगा घर और रोजगार का नया ठिकाना
कैबिनेट के इस निर्णय से न केवल आवास की समस्या हल होगी, बल्कि विकास कार्यों के चलते स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. आगरा जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के पास नए शहर का विकास होने से भविष्य में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश के महानगरों को दिल्ली- एनसीआर की तर्ज पर अत्याधुनिक बनाया जाए, ताकि यहां रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार हो सके. इस स्वीकृति के बाद अब संबंधित एजेंसियां जमीन अधिग्रहण और मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुट गई हैं.