आगरालीक्स …आगरा में धनतेरस आज, बाजार तैयार, शुभ मुहूर्त के साथ जानें धनतेरस पर सोना चांदी के साथ क्या खरीदना शुभ रहता है।
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार, धनतेरस 10 नबम्वर, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। धनतेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाने वाला त्यौहार है। धन तेरस को धन त्रयोदशी व धन्वंतरि जंयती के नाम से भी जाना जाता है इस बार धन त्रयोदशी का त्योहार 10 नवंबर दिन शुक्रवार की दोपहर 12:36 से प्रारंभ होगा जो 11 नवंबर दिन शनिवार की दोपहर 1:58 तक मान्य रहेगा इस दिन राहुकाल प्राप्त है 10:30 बजे से 12:00 बजे के बीच माना जाएगा।
मान्यता है कि इस दिन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के जनक धन्वंतरि देव समुद्र मंथन से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए धन तेरस को धन्वंतरि जयंती भी कहा जाता है। धन्वंतरि देव जब समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे उस समय उनके हाथ में अमृत से भरा कलश था। इसी वजह से धन तेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा है। धनतेरस पर्व से ही दीपावली की शुरुआत हो जाती है।
धन तेरस का शास्त्रोक्त नियम
धनतेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की उदयव्यापिनी त्रयोदशी को मनाई जाती है। यहां उदयव्यापिनी त्रयोदशी से मतलब है कि, अगर त्रयोदशी तिथि सूर्य उदय के साथ शुरू होती है, तो धनतेरस मनाई जानी चाहिए।
धन तेरस के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्त) में यमराज को दीपदान भी किया जाता है। अगर दोनों दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल का स्पर्श करती है अथवा नहीं करती है तो दोनों स्थिति में दीपदान दूसरे दिन किया जाता है।
धनतेरस की पूजा विधि और धार्मिक कर्म
मानव जीवन का सबसे बड़ा धन उत्तम स्वास्थ है, इसलिए आयुर्वेद के देव धन्वंतरि के अवतरण दिवस यानि धन तेरस पर स्वास्थ्य रूपी धन की प्राप्ति के लिए यह त्यौहार मनाया जाना चाहिए।
धनतेरस पर धन्वंतरि देव की षोडशोपचार पूजा का विधान है। षोडशोपचार यानि विधिवत 16 क्रियाओं से पूजा संपन्न करना। इनमें आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन (सुगंधित पेय जल), स्नान, वस्त्र, आभूषण, गंध (केसर-चंदन), पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, आचमन (शुद्ध जल), दक्षिणायुक्त तांबूल, आरती, परिक्रमा आदि है।
धनतेरस पर पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। मान्यता है कि बर्तन खरीदने से धन समृद्धि होती है। इसी आधार पर इसे धन त्रयोदशी या धनतेरस कहते हैं।
इस दिन शाम के समय घर के मुख्य द्वार और आंगन में दीये जलाने चाहिए। क्योंकि धनतेरस से ही दीपावली के त्यौहार की शुरुआत होती है।
धनतेरस के दिन शाम के समय यम देव के निमित्त दीपदान किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मृत्यु के देवता यमराज के भय से मुक्ति मिलती है।
झाड़ू की खरीददारी होगी शुभ : धनतेरस के दिन आप सोना खरीदते हैं यह अच्छी बात है लेकिन याद रहे इस दिन आप झाड़ू खरीदें। क्योंकि झाडू़ ही आपके घर द्वार को स्वच्छ रखती है। इस दिन भगवान विष्णु, राम और लक्ष्मी के चरणों का आगमन आपके घर होता है। इसलिए झाड़ू की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
इस दिन पीने के पानी का बर्तन खरीदें।
इस खास पर्व पर आप मिट्टी की बनी हुई 11 या 9 दीयों वाली लक्ष्मी की मूर्ति भी जरूर खरीदें। यह आपके लिए फलदायी होगी।
धनतेरस पर खरीददारी करने के शुभ मुहूर्त :
प्रातः 06:40से दोपहर 11:00 तक चर लाभ अमृत की चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे
दोपहर 12:30 मिनट से दोपहर 02:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया मुहूर्त उपलब्ध रहेगी
सांय 05:30 बजे से 07:00 तक धनतेरस की खरीददारी करें इस समय चर का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा
इसके बाद रात्रि 9:30 बजे से लेकर रात्रि 11:00 बजे तक लाभ का चौघड़िया मुहूर्त रहेगा इसमें खरीदारी करना अत्यंत शुभ माना जाएगा
याद रहे इस दिन दिवा काल 10:30 से दोपहर 12:00 तक राहुकाल में ना करें खदीददारी
दिवाली से पहले धनतेरस का पर्व आता है, इस बार शुक्रवार 10 नबम्वर को धनतेरस का त्योहार है धनतेरस पर मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा कर जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।धनतेरस के दिन पीतल,ताँबा,सोना,चाँदी खरीदना सर्वोत्तम होता है
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पं.हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरू रत्न भण्डार वाले, पुरानी कोतवाली सराफा बाजार अलीगढ़ यूपी व्हाट्सएप नंबर9756402981,7500048250