आगरालीक्स …आगरा में मेयर नवीन जैन ने जिला जेल में अर्थदंड जमा किया, इसके बाद जेल से 11 कैदी रिहा किए गए।
आगरा जिला जेल में 11 कैदियों की सजा पूरी हो गई थी, इन्हें अर्थदंड जमा करने के बाद जेल से छोडा जाना था। मगर, कैदियों के पास पैसे नहीं थे, इसलिए जेल से उन्हें छोडा नहीं गया। सोमवार को मेयर नवीन जैन ने अपनी कंपनी पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड की ओर से जिला जेल में अर्थदंड जमा कराया।
जेल से रिहा हुए कैदी
जिला जेल में अर्थदंड जमा करने के बाद जिला जेल से कैदियों को रिहा कर दिया गया। ये अब अपने घर चले जाएंगे।
जुर्माना न देने पर जेल में थे बंद
रिहा कैदियों में न्यू आगरा निवासी 58 वर्षीय हीरालाल पांच हजार जुर्माना न दे पाने के कारण सजा पूरी करने के बाद भी एक माह 17 दिन से जेल में था। इसी तरह आगरा कैंट निवासी 22 वर्षीय आमीन 12 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण एक माह आठ दिन से, सिकंदरा निवासी नन्नू 21 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण तीन माह 27 दिन से, लोहामंडी के आलमगंज निवासी सतीश 11 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के बदले चार माह 12 दिन से, राजपुर चुंगी निवासी राममोहन उर्फ रॉकी 14 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने पर चार माह 12 दिन से, एत्मादपुर निवासी मनोज कुमार सजा पूरी होने के बाद पांच हजार रुपये जुर्माने के कारण चार दिन की सजा काट चुका था। सदर के मुस्तफा क्वार्टर निवासी सितारा उर्फ गुड्डो पत्नी रफीक धोखाधड़ी के मामले में चार साल से जेल में बंद थी। 15 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के एवज में वह दो माह 11 दिन ज्यादा सजा काट चुकी थी। मथुरा निवासी डालचंद पुत्र मोतीलाल नौ हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण छह दिन से सलाखों के पीछे था। मथुरा जीआरपी थाने से चोरी में जेल भेजा गया मित्रपाल ने 19 हजार रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण तीन माह 23 दिन की ज्यादा भुगती। इसी तरह मथुरा जीआरपी द्वारा रेलवे एक्ट में जेल भेजा गया सुनील पुत्र मानिकचंद 3340 रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण तीन दिन से और हैदर पुत्र प्रदीप पांच सौ रुपये जुर्माना जमा न कर पाने के कारण पांच दिन से जेल में था।