आगरालीक्स.. आगरा में छेडछाड का अनोखा मामला आया है, छेडछाड के आरोप में जिस व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज हुआ है उसकी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई को कठघरे में खडा कर दिया है।
ताजगंज के तुलसी का चबूतरा निवासी एक महिला ने 19 दिसंबर को ताजगंज थाने में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया था कि नौ दिसंबर को उसकी दो नाबालिग बेटियां बाजार से लौट रहीं थी। तभी पड़ोस के राकेश, ईश्वरी प्रसाद, उनके बेटों के साथ पिता राधेलाल ने बेटियों से छेड़छाड़ कर दी। इसके बाद सभी ने घर आकर मारपीट भी की। थाने में शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, एसएसपी ऑफिस में मामले की शिकायत की। दिवस अधिकारी एसपी ट्रैफिक के आदेश पर ताजगंज थाने में राकेश, उनके भाई ईश्वरी प्रसाद, पप्पू, बेटे गौरव, सौरभ, पत्नी सुनीता, पिता राधेलाल समेत नौ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
राधेलाल की 10 साल पहले हो चुकी है मौत
गुरुवार को राकेश के परिजन क्षेत्रीय लोगों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंचे। उनका कहना है कि पुलिस ने फर्जी मुकदमा दर्ज कर लिया है। राधेलाल की मौत वर्ष 2007 में हो चुकी है। भला वे कैसे छेड़छाड़ कर सकते हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की है। शुक्रवार को वे एसएसपी अमित पाठक से मिलेंगे। उधर, मुकदमे की वादी का कहना है कि उन्होंने स्वर्गीय राधेलाल का नाम राकेश के पिता के रूप में लिखा था।
पुलिस का यह है कहना
इंस्पेक्टर ताजगंज राजा सिंह का कहना है कि तहरीर के मुताबिक मुकदमे में नामजदगी की गई है। जांच में आरोपी सही प्रतीत नहीं हो रहे हैं। किसी मृतक की नामजदगी हुई है, तो उसको विवेचना में निकाल दिया जाएगा।