
गौरतलब है कि रविवार और सोमवार को दो दिन का अवकाश था। कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय पंचायत एवं नगरीय निकाय परिसर के कर्मचारी भी छुट्टी पर चले गए लेकिन वे यहां का शटर लगाना ही भूल गए। उनकी इस भूल का लाभ बंदरों ने उठाया। बंदर अंदर घुस गए और निर्वाचन कार्यालय में धमाचौकड़ी मचा उन्होंने तमाम दस्तावेजों को तहस नहस कर दिया। मंगलवार सुबह जब कर्मचारी यहां पहुंचे तो उन्हें इसकी जानकारी हुई। यह तो गनीमत थी कि कार्यालय के मुख्य आॅफिस का ताला लगा हुआ था, अगर वह भी खुला होता तो काफी बड़ा नुकसान हो सकता था।
बंदरों का आतंक, दरवाजा ही तोड़ डाला
कलक्ट्रेट के अंदर ही चकबन्दी व निर्वाचन के बस्ते रखने का एक कमरा बना हुआ है। बंदरों ने इसके गेट को तोड़ दिया है। इसके अंदर घुसकर वे कई कागज व अन्य सामान ले जाते हैं और बाहर फेंक देते हैं।