आगरालीक्स ..आगरा में लॉक डाउन के बीच बडी और छोटी फैक्ट्री में काम शुरू हो गया है, 20 फीसद कर्मचारियों से सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर काम कराया जा रहा है, इसकी स्पीड भी तेज होने लगी है।

आगरा में लॉक डाउन के बाद से फैक्ट्री बंद थी, इससे कारोबारियों को कर्मचारियों के भुगतान के साथ ही दैनिक मजदूरी करने वालों के सामने भी समस्या खडी हो रही थी, ऐसे में आगरा में 10 मई से फैक्ट्री शर्तों के साथ चालू कर दी गईं, छह दिन में फैक्ट्री में काम की स्पीड भी तेज हो गई है। फैक्ट्री में काम शुरू करने की प्रक्रिया भी आसान बनाई गई है, जिससे किसी को परेशानी ना हो।
10 मई से आगरा में फैक्ट्री में काम हुआ शुरू
आगरा में कोरोना के चलते लॉक डाउन के बाद फैक्ट्री बंद कर दी गई हैं, इससे परेशानी होने लगी है, लोगों को काम नहीं मिल रहा है। कारोबारी काम ठप होने से परेशान हैं। ऐसे में जिला प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन से जुडी फैक्ट्री को चालू करने की अनुमति दे दी है। डीएम प्रभु एन सिंह का मीडिया से कहना है कि हार्डवेयर, जूट, आईटी, पैकेजिंग मैटेरियल, दवा और चिकित्सकीय उपकरण और कच्चे माल बनाने वाली फैक्ट्री को चालू करने की अनुमति दे दी गई है। ये फैक्ट्री नगर निगम सीमा से बाहर ही खुल सकेंगगी, इसके लिए फैक्ट्री में 20 फीसद मजदूर, अधिकतम 50 फीसद मजदूरों को ही बुलाकर काम कराया जा सकेगा।
यह है प्रक्रिया, 48 घंटे पहले देनी होगी सूचना
नगर निगम सीमा से बाहर फैक्ट्री का संचालन किया जा सकेगा, इसके लिए जिला उद्योग कार्यालय में आवेदन करना पडेगा, वहां से पास जारी किए जाएंगे। पास जारी होने के बाद टीम द्वारा फैक्ट्री का निरीक्षण किया जाएगा, इसमें देखा जाएगा कि नियमों का पालन किया जा रहा है कि नहीं, इसके बाद फैक्ट्री चालू की जा सकेगी।

ये हैं नियम
अधिकतम 50 मजदूर ही काम कर सकते हैं, इससे अधिक होने पर कार्रवाई की जाएगी
सामाजिक दूरी का पालन ना होने पर फैक्ट्री सील कर दी जाएगी, दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी
फैक्ट्री शुरू करने से 48 घंटे पहले ईमेल के माध्यम से जिला उद्योग कार्यालय को जानकारी देनी होगी
कर्मचारी, मजदूर और वाहन के लिए पास अनिवार्य हैं, ये पास उद्यम प्रोत्साहन केंद्र द्वारा जारी किए जाएंगे
फैक्ट्री में मास्क, सैनेटाइजर, ग्लब्स का उपयोग अनिवार्य होगा
मजूदरों को वेतन भुगतान और माल डिस्पैच से पहले जिला उद्योग केंद्र को जानकारी देनी होगी
ग्रामीण के 17 गांवों में फैक्ट्री शुरू करने पर पाबंदी है
